Kanpur: गवाह की हत्या के प्रयास में रिजवान व शौकत की रिमांड मंजूर, 12 लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी रिपोर्ट
Irfan Solanki Case: अभियोजन की ओर से गंभीर अपराध किए जाने का तर्क रखा गया है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने रिजवान व शौकत को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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कानपुर में जाजमऊ डिफेंस कॉलोनी निवासी नजीर फातिमा के घर आगजनी के मामले में मुख्य गवाह को कचहरी परिसर में धमकाने, रंगदारी मांगने व हत्या के प्रयास से संबंधित मुकदमे में आरोपी सपा विधायक इरफान सोलंकी के भाई रिजवान सोलंकी और गैंगस्टर शौकत अली को गुरुवार को एसीएमएम प्रथम अनुज ठाकुर की अदालत में पेश किया गया।
कोर्ट ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। रिजवान और शौकत लगभग दस माह से जेल में बंद हैं। रिमांड पर सुनवाई के दौरान अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने तर्क रखा कि घटना कचहरी परिसर की बताई जा रही है। कोर्ट के आसपास सीसीटीवी कैमरे मौजूद हैं, लेकिन पुलिस ने कोई सीसीटीवी फुटेज नहीं लिया है। जिस दिन की घटना बताई जा रही है।
रिजवान व शौकत को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा
उस दिन महाराजगंज जेल में बंद इरफान को भी कोर्ट में पेश किया गया था। इरफान की पेशी के दौरान पर्याप्त सुरक्षाबल मौजूद रहता है। ऐसी स्थिति में कोर्ट के बाहर ऐसी घटना संभव नहीं है। वहीं, अभियोजन की ओर से गंभीर अपराध किए जाने का तर्क रखा गया है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने रिजवान व शौकत को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
शौकत को इन मामलों में मिल चुकी थी जमानत
शौकत को जाजमऊ आगजनी, गैंगस्टर एक्ट व नजूल की जमीन पर कब्जे से संबंधित मुकदमे में हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी थी। बुधवार को उसका रिहाई परवाना भी जेल भेज दिया गया था। शाम को उसकी रिहाई होनी थी, लेकिन उससे पहले ही शौकत के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज कर गुरुवार को कोर्ट से उसका रिमांड हो गई। इससे जेल से रिहाई की उसकी उम्मीद पर पानी फिर गया।