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Kanpur News: सीएसजेएमयू के स्टेडियम में कराए जा सकते रणजी और घरेलू लीग के मैच
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कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विवि (सीएसजेएमयू) में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास चल रहे हैं। इसी क्रम में विवि परिसर में 35 करोड़ रुपये से स्टेडियम तैयार किया गया है। तीन से पांच हजार दर्शक क्षमता वाले इस स्टेडियम में महाराष्ट्र की लाल, उन्नाव की काली और ओडिशा की मिश्रित मिट्टी से कुल सात पिच तैयार की गई हैं।
दो पवेलियन और 75 से 85 गज की बाउंड्री वाला मैदान अत्याधुनिक ड्रेनेज सिस्टम से युक्त है। अब उप्र क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) और कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन (केसीए) इस मैदान को रणजी और घरेलू मुकाबलों के लिए बेहतर विकल्प के रूप में देख रहा है। विश्वविद्यालय प्रबंधन और यूपीसीए के शीर्ष नेतृत्व के बीच समझौता होने के बाद यहां बोर्ड ट्राॅफी और घरेलू लीग के मैच होंगे।
स्टेडियम को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की घरेलू प्रतियोगिताओं के मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। यहां दर्शकों के लिए स्टैंड के साथ मानक पिच, पवेलियन, खिलाड़ियों के लिए ड्रेसिंग रूम, अंपायर और स्कोरर के लिए विशेष कक्ष, कॉमेंट्री बॉक्स और मीडिया बॉक्स जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यूपी टी-20 लीग के चेयरमैन संजय कपूर ने बताया कि विश्वविद्यालय का यह स्टेडियम केसीए की लीग और यूपीसीए की बोर्ड ट्रॉफी प्रतियोगिताओं के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
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यहां रणजी ट्रॉफी, कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी, कूच बिहार ट्रॉफी और महिला क्रिकेट के मुकाबले भी कराए जा सकते हैं। लाल, काली और मिश्रित मिट्टी की पिचों वाले इस मैदान को क्रिकेट का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए जल्द ही औपचारिक समझौते की दिशा में प्रयास जारी हैं। वहीं यूपीसीए के सीईओ अंकित चटर्जी ने कहा कि विश्वविद्यालय का स्टेडियम मानक के अनुरूप तैयार किया गया है और यहां यूपीसीए के मुकाबले आयोजित कराने की योजना बनाई जा रही है।
यूपीसीए की खोज होगी पूरी, बढ़ेंगे घरेलू मैच
ग्रीनपार्क और कमला क्लब के बाद कानपुर में तीसरे सेंटर की कमी के कारण यूपीसीए को घरेलू मैचों की मेजबानी के सीमित अवसर मिलते थे। विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार इस स्टेडियम के शुरू होने से रणजी ट्रॉफी, कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी, कूच बिहार ट्रॉफी और महिला क्रिकेट के मुकाबलों के आयोजन का रास्ता आसान होगा। साथ ही केसीए को भी अपनी लीग प्रतियोगिताओं के लिए एक मानक क्रिकेट मैदान उपलब्ध हो सकेगा।
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दो पवेलियन और 75 से 85 गज की बाउंड्री वाला मैदान अत्याधुनिक ड्रेनेज सिस्टम से युक्त है। अब उप्र क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) और कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन (केसीए) इस मैदान को रणजी और घरेलू मुकाबलों के लिए बेहतर विकल्प के रूप में देख रहा है। विश्वविद्यालय प्रबंधन और यूपीसीए के शीर्ष नेतृत्व के बीच समझौता होने के बाद यहां बोर्ड ट्राॅफी और घरेलू लीग के मैच होंगे।
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स्टेडियम को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की घरेलू प्रतियोगिताओं के मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। यहां दर्शकों के लिए स्टैंड के साथ मानक पिच, पवेलियन, खिलाड़ियों के लिए ड्रेसिंग रूम, अंपायर और स्कोरर के लिए विशेष कक्ष, कॉमेंट्री बॉक्स और मीडिया बॉक्स जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यूपी टी-20 लीग के चेयरमैन संजय कपूर ने बताया कि विश्वविद्यालय का यह स्टेडियम केसीए की लीग और यूपीसीए की बोर्ड ट्रॉफी प्रतियोगिताओं के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
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यहां रणजी ट्रॉफी, कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी, कूच बिहार ट्रॉफी और महिला क्रिकेट के मुकाबले भी कराए जा सकते हैं। लाल, काली और मिश्रित मिट्टी की पिचों वाले इस मैदान को क्रिकेट का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए जल्द ही औपचारिक समझौते की दिशा में प्रयास जारी हैं। वहीं यूपीसीए के सीईओ अंकित चटर्जी ने कहा कि विश्वविद्यालय का स्टेडियम मानक के अनुरूप तैयार किया गया है और यहां यूपीसीए के मुकाबले आयोजित कराने की योजना बनाई जा रही है।
यूपीसीए की खोज होगी पूरी, बढ़ेंगे घरेलू मैच
ग्रीनपार्क और कमला क्लब के बाद कानपुर में तीसरे सेंटर की कमी के कारण यूपीसीए को घरेलू मैचों की मेजबानी के सीमित अवसर मिलते थे। विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार इस स्टेडियम के शुरू होने से रणजी ट्रॉफी, कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी, कूच बिहार ट्रॉफी और महिला क्रिकेट के मुकाबलों के आयोजन का रास्ता आसान होगा। साथ ही केसीए को भी अपनी लीग प्रतियोगिताओं के लिए एक मानक क्रिकेट मैदान उपलब्ध हो सकेगा।