Ramnagariya Mela: मेला आने वाले लोग भुने आलू के हो रहे दीवाने, स्वाद दोगुना कर रही है स्पेशल हरी चटनी
Farrukhabad News: घर में तो लोग पत्थर के सिल बट्टे और मिक्सी से चटनी पीसते हैं, लेकिन मेले में चटनी पीसने के लिए डीजल इंजन के साथ चक्की लगाई गई है। चक्की के सहारे बड़ी मात्रा में चटनी तैयार होती है, जो आलू का स्वाद बढ़ा देती है।
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फर्रुखाबाद जिले में मेला रामनगरिया आए और भुने आलू न खाए,तो मेले में घूमने का मजा किरकिरा हो जाता है। मेला आने वाले लोग खासकर भुने आलू के दीवाने हो रहे हैं। मेले का शुभारंभ हो चुका है। अभी करीब 50 से अधिक दुकानें भुने आलू की हैं, जहां शौकीन मक्खन चटनी और मशाले के साथ आलू का आनंद लेते नजर आते हैं। यहा आलू के साथ परोसी जाने वाली चटनी भी विशेष रूप से तैयार की जाती है।
मेले में अभी रोजाना प्रति दुकान करीब एक क्विंटल आलू की खपत हो जाती है। मेला परवान चढ़ने पर इसका कारोबार सिर चढ़कर बोलता है। प्रति दुकान करीब पांच क्विंटल हालू रोजाना भूनकर बेंच दिया जाता है। दुकानें भी बढ़कर करीब 200 तक लगतीं हैं। आलू के साथ परोसी जाने वाली हरी चटनी का स्वाद निराला है।
38 तरह के मसालों से निर्मित होता है नमक
घर में तो लोग पत्थर के सिल बट्टे और मिक्सी से चटनी पीसते हैं, लेकिन मेले में चटनी पीसने के लिए डीजल इंजन के साथ चक्की लगाई गई है। चक्की के सहारे बड़ी मात्रा में चटनी तैयार होती है, जो आलू का स्वाद बढ़ा देती है। 38 तरह के मसालों से निर्मित नमक भी अलग स्वाद रखता है। चक्की में हरा धनिया, टमाटर और हरी मिर्च के साथ अदरक, नमक आदि डालकर तैयार करते हैं।