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लाइफ में मौज लेनी हो तो नकारात्मक चीजों को सकारात्मक नजरिए से सोचोः राजू श्रीवास्तव
गौरव शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 26 Jul 2018 02:11 PM IST
सार
- राजू ने कहा बिग बॉस स्क्रिप्टेड नहीं होता
- फजलगंज स्थित अमर उजाला कार्यालय पहुंचे राजू श्रीवास्तव
- कॉमेडी के उभरते सितारे अन्नू अवस्थी को बिग बॉस में जाने के लिए दी शुभकामनाएं
- सोशल मीडिया पर जो जितना ट्रोल होगा वह उतना ही ज्यादा मशहूर होता जाता है
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राजू श्रीवास्तव
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विस्तार
जिंदगी में जितनी नकारात्मक चीजें हैं उन्हें सकारात्मक सोच में बदल लेना चाहिए। इससे जीवन में मौज (आनंद) बढ़ जाएगी। यह कहना है मशहूर कॉमेडियन और बिग बॉस कंटेस्टेंट रह चुके राजू श्रीवास्तव का। बुधवार को कानपुर, फजलगंज स्थित अमर उजाला कार्यालय पहुंचे राजू श्रीवास्तव ने कनपुरिया अंदाज में खुलकर बातें कीं। यहां उनके साथ कॉमेडी के उभरते सितारे अन्नू अवस्थी भी मौजूद थे।
राजू ने कहा कि एक हफ्ते पहले ही वह अमेरिका से लौटे हैं। अमेरिका में अगर कोई कानपुर या आसपास के शहर का मिल गया तो बड़ी खुशी मिलती है। वहां लोग बोल ही देते हैं - ‘अउर गुरु, हमऊ वहीं के हैं’ इस पर मैं कहता हूं ‘गुरु तो आओ फिर कोने में बातचीत करते हैं’। अमेरिका से जब वापस आ रहा था तो कुछ कानपुर के लोग मुझे वहां से वापस जाता देख रुआंसे से हो गए, हाथ चूमने लगे। बड़ा अपनत्व होता है विदेश में कानपुर का जब कोई बंदा मिल जाए।
भारत की जनसंख्या करोड़ों में है लेकिन यहां कॉमेडियन्स की संख्या इतनी कम है कि उन्हें उंगलियों में ही गिना जा सकता है। लोगों को हंसाना आसान बात नहीं है। दर्शक तो हंसने के लिए हमेशा तैयार बैठे हैं बस उन्हें कोई हंसाने वाला चाहिए। राजू श्रीवास्तव अमिताभ बच्चन के इतने बड़े फैन थे कि उनके हाव-भाव को ही अपने अंदर ढाल लिया। राजू ने कहा कि ऐसा जरूरी नहीं कि बड़ा स्टार केवल फिल्मों में एक्टिंग के लिए हाथ पीछे या कमर में हाथ रखकर बात करता हो। अमिताभ बच्चन को लेकर उन्होेंने कहा कि उनकी लंबाई और दाहिने कंधे में कोई समस्या की वजह से वह कमर में हाथ रखकर बात करते हैं। उनकी ये मजबूरी स्टाइल बन गई। अमिताभ अपने शरीर के ऊपरी हिस्से को टिकाने के लिए दाहिना हाथ कमर पर रख लेते हैं। सोशल मीडिया फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर ट्रोल करने वाले कलाकार या सेलिब्रिटी को जितनी ज्यादा गालियां मिलती हैं वो उतना ज्यादा मशहूर होता जाता है।
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राजू ने कहा कि एक हफ्ते पहले ही वह अमेरिका से लौटे हैं। अमेरिका में अगर कोई कानपुर या आसपास के शहर का मिल गया तो बड़ी खुशी मिलती है। वहां लोग बोल ही देते हैं - ‘अउर गुरु, हमऊ वहीं के हैं’ इस पर मैं कहता हूं ‘गुरु तो आओ फिर कोने में बातचीत करते हैं’। अमेरिका से जब वापस आ रहा था तो कुछ कानपुर के लोग मुझे वहां से वापस जाता देख रुआंसे से हो गए, हाथ चूमने लगे। बड़ा अपनत्व होता है विदेश में कानपुर का जब कोई बंदा मिल जाए।
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भारत की जनसंख्या करोड़ों में है लेकिन यहां कॉमेडियन्स की संख्या इतनी कम है कि उन्हें उंगलियों में ही गिना जा सकता है। लोगों को हंसाना आसान बात नहीं है। दर्शक तो हंसने के लिए हमेशा तैयार बैठे हैं बस उन्हें कोई हंसाने वाला चाहिए। राजू श्रीवास्तव अमिताभ बच्चन के इतने बड़े फैन थे कि उनके हाव-भाव को ही अपने अंदर ढाल लिया। राजू ने कहा कि ऐसा जरूरी नहीं कि बड़ा स्टार केवल फिल्मों में एक्टिंग के लिए हाथ पीछे या कमर में हाथ रखकर बात करता हो। अमिताभ बच्चन को लेकर उन्होेंने कहा कि उनकी लंबाई और दाहिने कंधे में कोई समस्या की वजह से वह कमर में हाथ रखकर बात करते हैं। उनकी ये मजबूरी स्टाइल बन गई। अमिताभ अपने शरीर के ऊपरी हिस्से को टिकाने के लिए दाहिना हाथ कमर पर रख लेते हैं। सोशल मीडिया फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर ट्रोल करने वाले कलाकार या सेलिब्रिटी को जितनी ज्यादा गालियां मिलती हैं वो उतना ज्यादा मशहूर होता जाता है।
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बिग बॉस के अंदर छुट्टियां बिताने जैसा मजा
फजलगंज स्थित अमर उजाला कार्यालय पहुंचे राजू श्रीवास्तव
टेलीविजन के सबसे चर्चित रियलिटी शो बिग बॉस को लोग स्क्रिप्टेड (पहले से तय) कहते हैं लेकिन वहां ऐसा होता नहीं है। बिग बॉस के अंदर जो भी होता है वो सब कैमरे की नजर में रहता है लेकिन जब टीवी पर शो दिखाया जाता है तो केवल दिन भर की बड़ी घटनाएं जैसे-नोकझोंक, मस्ती, टास्क के वीडियो ही शामिल होते है। बिग बॉस एक ऐसी जगह है जहां फुर्सत के दिन बिताने का अच्छा मौका मिलता है।
बिग बॉस में एक मकान के अंदर सबको बंद कर दिया जाता है और बाहर से ताला लगा दिया जाता है। वहां घड़ी भी नहीं होती तो हम सूरज को देखकर दिन और रात का पता लगाते हैं। सबसे ज्यादा मजा तो तब आता है जब हमारी आंखों के सामने बड़े-बड़े सितारे जैसे शिल्पा शेट्टी, पूनम ढिल्लन बर्तन धोती नजर आती हैं। जब मैं बिग बॉस में था तो स्वीमिंग पुल के पास चाय लेकर बैठ जाता था और आराम से चुस्कियां लेकर फुर्सत में चाय पीता था। बिग बॉस में मुझे ऐसा लगता था कि जैसे छुट्टियां बिता रहा हूं। बर्तन धोने और खाना बनाने में सबसे ज्यादा मौज आती थी। मैं शिल्पा शेट्टी को बर्तन चमकाने के लिए दे देता था, बिंदू दारा सिंह को धूप में कपड़े सुखाने को देता था। मैंने कभी हॉस्टल की लाइफ देखी नहीं लेकिन बिग बॉस में जाकर ऐसा लगा कि हॉस्टल में रह रहा हूं। राजू ने अन्नू अवस्थी को बिग बॉस में जाने के लिए बधाईयां दीं। राजू ने कहा कि उनका सेलेक्शन वहां पक्का है। बिग बॉस के अंदर भी एक समाज बनाया जाता है। हर तरह के लोग वहां होते हैं।
बिग बॉस में एक मकान के अंदर सबको बंद कर दिया जाता है और बाहर से ताला लगा दिया जाता है। वहां घड़ी भी नहीं होती तो हम सूरज को देखकर दिन और रात का पता लगाते हैं। सबसे ज्यादा मजा तो तब आता है जब हमारी आंखों के सामने बड़े-बड़े सितारे जैसे शिल्पा शेट्टी, पूनम ढिल्लन बर्तन धोती नजर आती हैं। जब मैं बिग बॉस में था तो स्वीमिंग पुल के पास चाय लेकर बैठ जाता था और आराम से चुस्कियां लेकर फुर्सत में चाय पीता था। बिग बॉस में मुझे ऐसा लगता था कि जैसे छुट्टियां बिता रहा हूं। बर्तन धोने और खाना बनाने में सबसे ज्यादा मौज आती थी। मैं शिल्पा शेट्टी को बर्तन चमकाने के लिए दे देता था, बिंदू दारा सिंह को धूप में कपड़े सुखाने को देता था। मैंने कभी हॉस्टल की लाइफ देखी नहीं लेकिन बिग बॉस में जाकर ऐसा लगा कि हॉस्टल में रह रहा हूं। राजू ने अन्नू अवस्थी को बिग बॉस में जाने के लिए बधाईयां दीं। राजू ने कहा कि उनका सेलेक्शन वहां पक्का है। बिग बॉस के अंदर भी एक समाज बनाया जाता है। हर तरह के लोग वहां होते हैं।
विदेश में गाड़ी पंचर होने पर लोग परेशान नहीं होते
राजू श्रीवास्तव
विदेश में जब गाड़ी पंचर होती है तो वहां के लोग अपने यहां की तरह परेशान नहीं होते। गाड़ी पंचर होने पर लोग आराम से बर्गर खाते हैं, ड्रिंक पीते हैं और सीधा पुलिस को फोन कर देते हैं। थोड़ी ही देर में पुलिसवाले आ जाते हैं और गाड़ी की स्टेपनी निकालकर पहिया बदल देते हैं। विदेश में लोग कोई भी छोटी चीज को बड़ा करके बताते हैं। जैसे वहां लोग पूछते हैं आप कहां से हो मैं बोलता हूं- मैं इंडिया से हूं। तो वो लोग इतना खुश हो जाते हैं जितना तो इंडिया में लोग नहीं होते होंगे। अंग्रेज हर काम को बड़ा आराम से लेते हैं जैसे उनको बताया गया कि मैं एक कारपेंटर (बढ़ई) हूं तो अंग्रेज कहते हैं बहुत अच्छी और क्रिएटिव जॉब है। कुल मिलाकर विदेश में लोगों की सोच बिल्कुल अलग सी दिखती है। जब भी कानपुर में किसी शो या महोत्सव के लिए बुलाया जाता है तो मुझे लैंडमार्क में ठहराया जाता है लेकिन मैं शहर के नया पुरवा और बर्रा जैसे इलाकों को ज्यादा महत्व देता हूं।
गोविंद से बातचीत फिल्मी गानों के बोल से शुरू हुई और रोल मिल गया
कॉमेडी के उभरते सितारे अन्नू अवस्थी को बिग बॉस में जाने के लिए दी शुभकामनाएं
राजू ने बताया कि जब से लाफ्टर में मेरा इंट्रेस्ट बढ़ा तब से फिल्मों में काम करने का रुझान कम हो गया। ‘बॉम्बे टू गोआ’ मेरे द्वारा की हुई मेरे लिए सबसे पसंदीदा फिल्म थी। गोविंदा जैसा एक्टर बॉलीवुड में दोबारा खोजना बड़ा ही मुश्किल है। गोविंद हिंदी सिनेमा के बेहतरीन एक्टर हैं। उनके लिए डायलॉग या स्क्रीन प्ले की जरूरत पड़ती ही नहीं थी। एक बार मुझे गोविंद से जरूरी काम था। मैं उनके पास पहुंचा तो बातचीत ही फिल्मी गानों के बोल से शुरू हो गई। गोविंद ने मुझसे प्रभावित होकर मुझे अपनी फिल्म ‘वाह तेरा क्या कहना’ में रोल दे दिया। नसीरुद्दीन शाह, इरफान खान, दिलीप कुमार और नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे एक्टर सिनेमा में किसी भी कैरेक्टर को जिंदा कर सकते हैं लेकिन गोविंद का काम करने का तरीका सबसे जुदा है।
संघर्ष के दिनों में निर्जीव चीजों पर जान डालकर कॉमेडी जोक बनाए
सोशल मीडिया पर जो जितना ट्रोल होगा वह उतना ही ज्यादा मशहूर होता जाता है
राजू ने बताया कि मुंबई में जब काम नहीं होता था तो घर पर लेटे-लेटे मैं पंखे को देखा करता था। बस वहीं से निर्जीव चीजों में जान डालने के लिए मैंने कॉमेडी जोक तैयार करना शुरू कर दिए। संघर्ष के दिनों में दर्शकों के लिए फ्रिज, टीवी, गुलदस्ता, बल्ब और सोफे के भाव को मैंने अपने अंदाज में गढ़ना शुरू किया था। कॉमेडी की प्रेरणा मुझे अपने बीघापुर (उन्नाव) वाले मनोहर मामा से मिली। मनोहर खुद में एक बड़े कलाकार थे बस उनकी एक्टिंग करके मैं लोगों को आसानी से हंसाने लगा। मेरी कॉमेडी में गजोधर कोई काल्पनिक कैरेक्टर नहीं है गजोधर नाम के हमारे चाचा होते थे मोहल्ले के। एक बार मुंबई में मुझे जूनियर अमिताभ बनकर अभिनेत्री रेखा के साथ स्टेज शो में काम करने का मौका मिला। लेकिन जिस दिन शो था उस दिन रेखा आईं ही नहीं। पता चला कि रेखा के पति मुकेश अग्रवाल का उसी दिन देहांत हो गया था।