पान मसाला खाने वालों को अब सावधान रहने की जरूरत है। रोक के बावजूद कैंसर वाला केमिकल गैम्बियर चोरी छुपे पुड़िया में मिलाकर बेचा जा रहा है। कंपनियां लालच में आकर प्रोडक्ट की क्वालिटी कम कर रही हैं। सुपारी और कत्था कम देकर उसमें गैम्बियर मिलाने लगी हैं। इसका खुलासा लैब टेस्ट में हुआ है।
यूपी के हमीरपुर जिले में जनवरी 2018 में कई जगहों से पान मसाला के नमूने खाद्य सुरक्षा विभाग ने भरे थे। इन नमूनों में दो नामी ब्रांड राजश्री और केसर के पान मसाले शामिल हैं। जिन जगहों से नमूने भरे गए वहां से इन ब्रांडेड कंपनियों के बिल भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने दुकानदारों से जब्त किए हैं।
हमीरपुर खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी विनोद शर्मा ने बताया कि इन पान मसाला कंपनियों के नमूनों की जांच में गैम्बियर मिलाने की पुष्टि हुई है। इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने निर्माताओं को पत्र लिखकर इनकी बिक्री पर रोक लगा दी है। इनके निर्माताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा।
दोनों कंपनियों के नमूने लखनऊ और उसके बाद गोरखपुर की लैब में टेस्ट किए गए थे। जिसमें गैम्बियर मिला, इसका इस्तेमाल चमड़ा रंगने में हाेता है। इसके सेवन से गुर्दे-लिवर खराब व कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी के होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
कंपनियों को एक महीने के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। अगर ये कंपनियां चाहें तो सेंट्रल लैब कोलकाता से अपने उत्पादों की जांच करा सकती है। कार्रवाई में 6 महीने से लेकर 3 साल तक का कारावास हो सकता है।