सड़क दुर्घटना में रेल कर्मी की मौत: कर्मचारी कर रहे थे विरोध, सेंट्रल स्टेशन पर रोकी गई शताब्दी एक्सप्रेस
Kanpur News: करीब पांच घंटे शताब्दी एक्सप्रेस को रोकने के बाद कर्मचारियों ने कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर धरना दिया। रेलवे अधिकारियों के साथ उनकी लंबी बातचीत भी हुई। आश्वासन मिलने के बाद और लॉबी को वापस जीएमसी में स्थापित करने के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।
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कानपुर में मालगाड़ी की ड्यूटी पूरी करने के बाद गोविंदनगर आ रहे रेल कर्मचारी दिव्यांशु दुबे की सड़क दुर्घटना में गुरुवार को मौत हो गई। दिव्यांशु सरसौल में लोको पायलट लॉबी से ड्यूटी खत्म करने की सूचना देकर वापस आ रहे थे। उनकी मौत के बाद रेल कर्मचारियों ने कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर दिल्ली से लखनऊ जा रही शताब्दी एक्सप्रेस को करीब पौन घंटे रोक रखा।
रेल कर्मचारियों को कहना था कि लोको पायलट लॉबी पहले जीएमसी में थी। रेलवे ने इस लॉबी को सरसौल में स्थापित कर दिया। इसकी वजह से कर्मचारियों को कानपुर से सरसौल आने-जाने में परेशानियां भी हो रही थी और आए दिन दुर्घटनाएं भी हो रही थी। असिस्टेंट लोको पायलट दिव्यांशु दुबे की मौत के बाद उन्हें कांशीराम अस्पताल में इलाज भी समय से नहीं मिल पाया।
आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला
करीब पांच घंटे शताब्दी एक्सप्रेस को रोकने के बाद कर्मचारियों ने कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर धरना दिया। रेलवे अधिकारियों के साथ उनकी लंबी बातचीत भी हुई। आश्वासन मिलने के बाद और लॉबी को वापस जीएमसी में स्थापित करने के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर नौ पर शताब्दी एक्सप्रेस सुबह 11:11 पर आ गई थी और विरोध प्रदर्शन के बाद ट्रेन को दोपहर 11:58 पर रवाना किया गया।