फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Railway police recovered the dead body from the toilet of sleeper bogie of Kota-Patna Express

रेलवे की बड़ी लापरवाही उजागरः 72 घंटे स्लीपर कोच के टॉयलेट में घूमता रहा कारोबारी का शव

Mon, 28 May 2018 01:16 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Mon, 28 May 2018 01:16 PM IST
विज्ञापन
Railway police recovered the dead body from the toilet of sleeper bogie of Kota-Patna Express
कारोबारी संजय की फाइल फोटो

रेलवे की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। 24 मई को कानपुर से पटना-कोटा एक्सप्रेस पकड़ने के बाद से लापता कारोबारी का शव तीन दिन बाद ट्रेन के टॉयलेट से बरामद हुआ। 

विज्ञापन

24 मई की सुबह 6:40 बजे कानपुर के संजय ट्रेन में बैठे थे और उनका शव 72 घंटे बाद रविवार सुबह सात बजे बरामद हुआ। शव तीन दिन तक स्लीपर कोच के टॉयलेट में घूमता रहा। गाड़ी कोटा तक गई और वहां से वापस पटना आई, लेकिन इस बीच न तो सफाईकर्मियों ने शौचालय को साफ करने की जहमत उठाई और न ही सुरक्षाबलों ने लंबे समय से बंद दरवाजे को खोल कर देखना उचित समझा। यात्रियों ने टॉयलेट बंद होने और बदबू आने की सूचना कई बार दी लेकिन किसी ने ध्यान ही नहीं दिया।   
विज्ञापन


रविवार की सुबह राजेंद्र नगर टर्मिनल यार्ड में खड़ी कोटा-पटना एक्सप्रेस की स्लीपर बोगी के टॉयलेट से रेलवे पुलिस ने तीन दिन पुराना शव बरामद किया। मृतक की पहचान कानपुर के आनंदपुरी में मकान नंबर 321 निवासी व्यवसायी संजय अग्रवाल (48) के रूप में हुई। संजय कानपुर से आगरा जाने के लिए निकले थे लेकिन पहुंचे नहीं। खोजबीन करने के बाद उनके साले जयदीप ने कानपुर सेंट्रल रेल पुलिस को गुमशुदगी की तहरीर दी थी। सूचना पर उनके रिश्तेदार राजेंद्र नगर टर्मिनल पहुंचे। जहां पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव उन्हें सौंप दिया। लाश सड़ चुकी थी। कानपुर के अनवरगंज स्थित 64 तेजाब मिल कैंपस निवासी जयदीप के मुताबिक संजय अग्रवाल का इंवर्टर का व्यापार है। उन्हें आगरा में पारिवारिक मंदिर में दर्शन के लिए जाना था। 24 मई की सुबह संजय को बेटे वात्सल्य ने कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर छोड़ा। वह एसी में जगह नहीं मिलने पर पटना-कोटा एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में बैठे थे। सुबह साढ़े आठ बजे अंतिम बार पत्नी दीपाली अग्रवाल से उन्होंने बात की और बताया कि वह फफूंद स्टेशन पार कर रहे हैं। काफी गर्मी है इससे उन्हें बेचैनी हो रही है। ट्रेन में सवार यात्रियों ने कई बार टॉयलेट लॉक होने और टॉयलेट से बदबू आने की बात कही थी लेकिन किसी ने गौर नहीं किया। संजय की लाश सड़ चुकी थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed