रेलवे एलिवेटेड ट्रैक प्रोजेक्ट: फ्लाईओवर में बाधा गोविंद नगर कच्ची बस्ती हटेगी, पांच जून तक खाली करने के निर्देश
झांसी रेलवे लाइन के पास बसी गोविंद नगर कच्ची बस्ती एलिवेटेड ट्रैक में बाधा है, जिसे पांच जून तक खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। अवैध बस्ती में रेलवे की तरफ से नोटिस भी चस्पा कर दी गई है।
विस्तार
भीमसेन से कानपुर तक बनने वाले रेलवे के फ्लाईओवर में सबसे बड़ी बाधा गोविंदपुरी कच्ची बस्ती और झांसी रेलवे लाइन के दोनों तरफ के अतिक्रमण को हटाने का नोटिस जारी कर दिया गया है। क्षेत्रों में बनी अवैध बस्ती में रेलवे की तरफ से नोटिस चस्पा कर दी गई है। पांच जून तक इसे खाली करने के निर्देश हैं। इसके बाद रेलवे इसे बलपूर्वक खाली कराएगा।
दरअसल, रेलवे भीमसेन से झकरकटी तक 1700 करोड़ रुपये की लागत से एक रेलवे फ्लाईओवर बना रहा है। इस पर ट्रेनें कानपुर तक आएंगी और जाएंगी। इससे दादा नगर से लेकर गोविंदपुरी तक झांसी रूट की ट्रेनों के आवागमन में कोई परेशानी नहीं होगी। प्रयागराज मंडल ने माना है कि फ्लाईओवर का काम इसलिए भी शुरू नहीं हो पा रहा है क्योंकि यहां पर गोविंदपुरी कच्ची बस्ती में अवैध मकान बड़ी संख्या में हैं।
इस कारण पहले इसे खाली कराना पड़ेगा। इसके बाद ही काम शुरू होगा। अभी रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने नोटिस जारी की है। तय समय में अवैैध अतिक्रमण खाली न होने पर आरपीएफ और सिविल पुलिस की मदद से इसे हटाया जाएगा।
बस्ती के 1200 अवैध मकानों में रहते हैं 10 हजार लोग
गोविंदपुरी स्टेशन के पास झांसी रेलवे लाइन के दोनों तरफ करीब 1200 अवैध मकान बने हैं। इसमें करीब 10 हजार लोग रहते हैं। लोगों ने यहां पर अवैध दुकानें भी बना ली हैं। कई मंजिला पक्के मकान खड़े हो गए हैं। रेलवे की जमीन पर कब्जे की वजह से वह न तो अपनी लाइनों का विस्तार कर पा रहा है और न ही भीमसेन का रेलवे फ्लाईओवर बन पा रहा है।
प्रयागराज मंडल के डीआरएम भी एक साल पहले इस संबंध में उच्चाधिकारियों तक इसे हटाने की मुहिम शुरू कर चुके हैं। रेल बजट में फ्लाईओवर बनाने की पहली 20 करोड़ रुपये की पहली किस्त भी आवंटित की गई है। अब काम शुरू कराने के लिए अतिक्रमण हटाने की नोटिस जारी की गई है।