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रेलवे मजदूरों के पलायन से कारोबारियों को रोज लाखों का घाटा

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jun 2020 09:07 PM IST
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कानपुर। लाक डाउन की वजह से श्रमिकों का पलायन होने के कारण रेलवे के माल गोदाम से सामानों के उतारने और लादने का संकट पैदा हो गया है। जिसकी वजह से व्यापारियों को लाखों का घाटा उठाना पड़ रहा है। आने वाले समय में इस घाटे का असर उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है व्यापारियों की मांग है कि माल गोदाम पर अतिरिक्त श्रमिकों की व्यवस्था कराई जाए, जिससे उन्हें घाटे से राहत मिल सके। रेलवे मालगोदाम पर आजकल प्रतिदिन ५ -६ मालगाड़ी (रैक) आकर लग रही हैं । रेलवे विभाग मालगाड़ी के \"रैक प्वाइंट\" पर लगने के बाद संबंधित व्यापारी को माल उठाकर ले जाने के लिए 9घंटे देती है उसके बाद रेलवे रु• 150 प्रति घंटे \"विलंब शुल्क\" और \"स्थान शुल्क\" के नाम पर चार्ज करती है। प्रत्येक मालगाड़ी में 42 से 58 डिब्बे होते हैं और माल उतरकर बाहर निकलने में 3 से 4 दिन लग जाते है । जिसमें अतिरिक्त चार्ज के रूप में लाखो रुपयों मे वसूला जाता है । स्वाभाविक है जिसका चार्ज वस्तु की कीमत में जोडा जायेगा और और अंत मे उसका भार उपभोक्ता को ही उठाना पडेगा ।* लाकडाउन के चलते सारे बिहार के मजदूर से पलायन कर गए है। मुश्किल से एक सैकड़ा मजदूर ही रेलवे मालगोदाम पर बचे हैं। मजदूरों के अभाव में व्यापारियों का माल, मालगाड़ी से उतराने मे काफी दिक्कतों का सामना करना पड रहा है। अनलोडिंग में मजदूरों के अभाव में समय स्वाभाविक अधिक लगने पर विभाग की तरफ से लाखों रुपए \"विलंब शुल्क\" व \"स्थान शुल्क\" के नाम पर वसूल रहा है । \"मालगाड़ी से सामानों की लोडिंग अनलोडिंग का काम ज्यादातर बिहार के रहने वाले मजदूर ही करते रहे हैं। श्रमिक ट्रेनों के चलने की वजह से 50% से अधिक मजदूर अपने घर चले गए हैं जिसकी वजह से मालगाड़ी से सामान उतारने और चढ़ाने में निर्धारित समय से काफी अधिक समय लग रहा है। जिसका अतिरिक्त चार्ज रेलवे को व्यापारी भुगतान कर रहे हैं। ऐसे में व्यापारियों को काफी घाटा लग रहा है। विनोद शंकर त्रिपाठी कारोबारी \"लाख डाउन के तीसरे चरण तक तक रेलवे ने मालगाड़ी से लोडिंग अनलोडिंग का समय फ्री कर दिया था। इसके बाद चौथे चरण में सामान्य समय 9 घंटे से बढ़ाकर 18 घंटे कर दिया गया था । 31 मई तक 18 घंटे की अवधि पूरी हो गई है। अब फिर से रेलवे के नियम के अनुसार 9 घंटे का समय लोगो लोडिंग के रूप में चालू हो गया है ।अब क्योंकि मजदूरों की संख्या बिल्कुल कम है ऐसे में कारोबारियों को लाखों का रोजाना घाटा उठाना पड़ रहा है। अब्दुल वाहिद मंत्री रेलवे कंज्यूमर्स एसोसिएशन
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