UP: स्क्रैप कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर छापा…4.5 करोड़ जमा कराए, सीजीएसटी-एसजीएसटी की टीमों ने की कार्रवाई
Kanpur News: स्क्रैप कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर सीजीएसटी और एसजीएसटी ने छापा मारा, जिसके बाद 4.5 करोड़ रुपये जमा करवाए गए। अफसरों ने कार्रवाई के दौरान बड़े पैमाने पर दस्तावेज जब्त किए हैं।
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सेंट्रल जीएसटी सीजीएसटी के अफसरों ने स्क्रैप कारोबारियों के छह प्रतिष्ठानों पर छापा मारा। 10 दिन तक रेकी के बाद कार्रवाई की गई। कारोबारियों से दो करोड़ 35 लाख रुपये जमा कराए गए। जांच में पता चला कि कारोबारी बिना इनवाइस काटे ही बड़े पैमाने पर माल की निकासी कर रहे थे। जिन इनवाइस को काटा जा रहा था, उसका इस्तेमाल भी कई बार हो रहा था। अफसरों ने बड़े पैमाने पर दस्तावेज जब्त किए हैं।
सेंट्रल जीएसटी कानपुर के आयुक्त गौरी शंकर सिन्हा के निर्देश पर मंगलवार शाम को 24 से ज्यादा अफसरों की छह टीमों ने सरोजनीनगर स्थित शिवम ट्रेडर्स और मंधना स्थित अवनी मेंटल्स प्राइवेट लिमिटेड पर छापा मारा। इनके हरबंशमोहाल, ट्रांसपोर्टनगर, दर्शनपुरवा, बिरहाना रोड स्थित प्रतिष्ठानों पर भी एक साथ कार्रवाई की गई। फर्म संचालक शहर व आसपास के जिलों में लंबे समय से स्क्रैप की खरीद-फरोख्त कर रहे थे। कर चोरी की सूचना मिलने पर विभाग के अफसरों ने दस दिन तक इनके प्रतिष्ठानों के आसपास रेकी की।
करोड़ों की कर चोरी के दस्तावेज मिले हैं
रेकी में पता चला कि बिना बिल के करोड़ों का लेनदेन किया जा रहा था। इसके बाद मंगलवार शाम को अलग-अलग टीमों ने कार्रवाई की। संचालकों के प्रतिष्ठानों के यहां से जब्त दस्तोवजों के आधार पर करोड़ों की कर चोरी पकड़ी गई। मौके पर संचालकों ने दो करोड़ 35 लाख रुपये जमा कराए हैं। सूत्रों ने बताया कि को जब्त दस्तावेजों का आकलन किया जाएगा। शुरुआती जांच में करोड़ों की कर चोरी के दस्तावेज मिले हैं। छापा बुधवार सुबह खत्म कर दिया गया है।
कोयलानगर में स्क्रैप कारोबारी के प्रतिष्ठान पर भी कार्रवाई
स्टेट जीएसटी (एसजीएसटी) की टीम ने बुधवार को कोयलानगर स्थित स्क्रैप कारोबारी के प्रतिष्ठान पर छापा मारा। डाटा विश्लेषण से कर चोरी के पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद कार्रवाई की गई। बाद में फर्म संचालक ने दो करोड़ 18 लाख रुपये जमा कराए। अपर आयुक्त ग्रेड एक कानपुर जोन द्वितीय, आरएस विद्यार्थी के निर्देश और अपर आयुक्त ग्रेड दो एसआईबी कुमार आनंद और संयुक्त आयुक्त एसआईबी सुशील कुमार गौतम की अगुवाई में उपायुक्त राजेश कुमार सिंह की टीम ने गौरी इंटरप्राइजेज के प्रतिष्ठान पर छापा मारा।
दो करोड़ 18 लाख रुपये जमा कराए
फर्म कानपुर में स्क्रैप की खरीद और बिक्री करती है। विभाग के अफसरों को मिले गोपनीय इनपुट और विभागीय पोर्टल पर आंकड़ों के विश्लेषण करने पर पता चला कि फर्म ने जिन अन्य फर्मों से खरीद दिखाई है, वे पूर्व में उसके जीएसटीआर दो ए रिटर्न में नहीं दिख रहे थे। इसके अलावा फर्म संचालक ने दिसंबर 2024 में जीएसटीआर दो बी के सापेक्ष जीएसटीआर तीन बी में अधिक आईटीसी क्लेम कर लिया था। इसके बाद और जांच हुई तो मामला खुलता चला गया। अपर आयुक्त ग्रेड ए ने बताया कि अफसरों की टीम ने फर्म संचालक के प्रतिष्ठान में मिले दस्तावेजों के मिलान के बाद कर चोरी पकड़ी है। फर्म संचालक ने मौके पर दो करोड़ 18 लाख रुपये जमा कराए हैं। आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई। बड़े पैमाने पर दस्तावेज जब्त किए गए हैं।