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पूर्व आरटीओ सुनीता वर्मा पर बेनामी विंग ने की कार्रवाई, 2017 में बरामद हुए थे 1.23 करोड़ रुपये
Mon, 06 May 2019 07:21 PM IST
प्रशांत कुमार
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Mon, 06 May 2019 07:21 PM IST
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प्रतीकात्मक फोटो
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आयकर विभाग की बेनामी विंग ने कानपुर में पूर्व आरटीओ सुनीता वर्मा के घर मिले 1.23 करोड़ रुपये कालाधन मानते हुए अटैच कर लिए हैं। बेनामी विंग ने विभाग में जमा इस रकम के खाते को सीज कर दिया है। रकम निकासी पर रोक लगा दी गई है। बेनामी विंग अब इस मामले को दिल्ली में विभाग की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी (सहायक प्राधिकारी) के समक्ष पेश करने जा रहा है। वहीं बरामद रकम को बेनामी घोषित करने पर अंतिम फैसला होगा।
आयकर विभाग ने अप्रैल 2017 में सुनीता वर्मा और उनके पति स्टेट जीएसटी के तत्कालीन ज्वाइंट कमिश्नर डीके वर्मा के घर छापा मारा था। यहां से 1.23 करोड़ रुपये बरामद हुए थे। मौके पर पति-पत्नी इसका हिसाब नहीं दे सके थे। रकम जब्त कर ली गई थी। बाद में उन्होंने इस रकम को सास माया वर्मा का होना बताया।
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आयकर विभाग ने अप्रैल 2017 में सुनीता वर्मा और उनके पति स्टेट जीएसटी के तत्कालीन ज्वाइंट कमिश्नर डीके वर्मा के घर छापा मारा था। यहां से 1.23 करोड़ रुपये बरामद हुए थे। मौके पर पति-पत्नी इसका हिसाब नहीं दे सके थे। रकम जब्त कर ली गई थी। बाद में उन्होंने इस रकम को सास माया वर्मा का होना बताया।
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डीके वर्मा ने बताया था कि उनके नाना ने जेवरात बेचकर यह रकम दी थी
माया वर्मा से पूछताछ की गई तो वे स्पष्ट जवाब नहीं दे सकीं। डीके वर्मा ने बताया था कि उनके नाना ने जेवरात बेचकर यह रकम उन्हें दी थी। इस पर अफसरों ने उस सराफ का पता पूछा जिसे जेवरात बेचे गए थे। डीके वर्मा उसका नाम नहीं बता सके। मामला पेचीदा होने पर इसे बेनामी विंग ट्रांसफर कर दिया गया। बेनामी विंग ने कई नोटिस जारी किए लेकिन तीनों जवाब देने हाजिर नहीं हुए। बेनामी विंग ने अप्रैल में अंतिम नोटिस जारी किया। इसमें सुनीता और डीके वर्मा तो आए, लेकिन माया वर्मा नहीं आईं। विंग ने अगली तारीख देकर तीनों को एक साथ बुलाया लेकिन कोई नहीं पहुंचा। इस पर बेनामी विंग ने बरामद रकम को कालाधन मानते हुए अटैच कर लिया।
केशव लाल के बाद सुनीता वर्मा
छह माह में बेनामी विंग ने दो सरकारी अफसरों पर शिकंजा कसा है। सुनीता वर्मा से पहले स्टेट जीएसटी के तत्कालीन एडिशनल कमिश्नर केशव लाल की संपत्तियों को बेनामी घोषित किया। अब पूर्व आरटीओ सुनीता वर्मा का मामला अंतिम दौर में है।
केशव लाल के बाद सुनीता वर्मा
छह माह में बेनामी विंग ने दो सरकारी अफसरों पर शिकंजा कसा है। सुनीता वर्मा से पहले स्टेट जीएसटी के तत्कालीन एडिशनल कमिश्नर केशव लाल की संपत्तियों को बेनामी घोषित किया। अब पूर्व आरटीओ सुनीता वर्मा का मामला अंतिम दौर में है।