फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   raees banarasi and Rakesh shot dead in cross firing

'क्राइम कुंडली' रईस बनारसी की, अपराध से प्रेम और मोबाइल से परहेज, आतंक का पर्याय था बदमाश

Fri, 14 Sep 2018 11:56 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Fri, 14 Sep 2018 11:56 PM IST
विज्ञापन
raees banarasi and Rakesh shot dead in cross firing
बदमाश रईस बनारसी
वाराणसी के दशाश्वमेध थाना अंतर्गत पतालेश्वर मुहल्ले में शुक्रवार की शाम क्रॉस फायरिंग में 50 हजार का इनामी बदमाश रईस अहमद उर्फ रईस बनारसी (36) और राकेश अग्रहरि (32) मारा गया। कानपुर शहर का नंबर एक, 50 हजार का इनामी बदमाश रईस बनारसी शहर में आतंक का पर्याय था। वह रहता बनारस में था, लेकिन उसका शहर में आना-जाना बना रहता था। जब भी वह शहर आता था, वसूली, हत्या या लूट की वारदात को अंजाम देकर भाग निकलता था।
विज्ञापन


ऐसा ही वह बनारस में भी करता था। यहीं वजह रही कि यूपी एसटीएफ और पुलिस तमाम कोशिशों के बाद भी रईस को नहीं ढूंढ सकी और वह एक के बाद एक वारदात को अंजाम देकर सुर्खियों में बना रहा। रईस पर बनारस और कानपुर में हत्या, लूट और रंगदारी के 11 मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के तीन मामले हैं, जिनमें दो कानपुर और एक बनारस का है।
विज्ञापन


रईस बनारसी खालिजपुरा, बनारस में रहता था। वहां उसके पिता इश्तियाक राजमिस्त्री हैं। रईस आठ भाई और एक बहन में सातवें नंबर का था। हीरामनपुरवा, बेकनगंज में उसका ननिहाल है। रईस के भाई नईम को उसके नाना ने गोद ले रखा है। उसका दूसरा नौशाद हीरामनपुर में रहता था। इसलिए रईस का अक्सर शहर आना-जाना रहता था। नौशाद की करीब एक दशक पहले हिस्ट्रीशीटर शानू ओलंगा ने हत्या कर दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

महिला थाने के पास दिनदहाड़े शानू को गोलियों से छलनी कर सनसनी मचा दी थी

raees banarasi and Rakesh shot dead in cross firing
बदमाश रईस बनारसी
इसके बाद रईस में शहर के अपराध की दुनिया में कदम रखा। उसने बनारस के बदमाश गुड्डू मामा बिंद के साथ मिलकर आठ साल पहले वीआईपी रोड पर महिला थाने के पास दिनदहाड़े शानू को गोलियों से छलनी कर सनसनी मचा दी थी। वारदात के बाद रईस और मामा बिंद दोनों काफी देर तक मौके पर मौजूद रहे और फिर भाग निकले थे। शानू ओलंगा की हत्या के बाद रईस ने शहर में अपना गैंग मजबूत किया।


हीरामनपुरवा के शरीफ ढपाली, दलेलपुरवा का मोनू पहाड़ी उर्फ राशिद समेत कुछ और शातिरों को गैंग शामिल किया था। पुलिस की मानें तो रईस रंगदारी, हत्या और लूट के साथ ही अवैध असलहे की खरीद-फरोख्त का धंधा करता था। शानू के अलावा एक मुर्गे वाला और एक और शातिर निशाने पर था। रईस के डर से मुर्गा वाले ने शहर छोड़ दिया था। हालांकि बाद में उसके और रईस के बीच समझौते की बात भी चर्चा में आई थी।


 

किसी वक्त वारदात को अंजाम देकर भाग निकलता था

raees banarasi and Rakesh shot dead in cross firing
बदमाश रईस बनारसी
रईस इतना बैखोफ था कि वह किसी भी और किसी वक्त वारदात को अंजाम देकर भाग निकलता था। रईस का नाम 2011 में जूही में हुई निहा की हत्या में भी आया था। निहा उसके एक साथी की प्रेमिका थी। उनमें कुछ अनबन हो गई थी तो दिनदहाड़े उसको गोलियों से भून दिया था।


उसी साल रईस ने किदवई नगर में एक सैलून में घुसकर लूट की थी। रईस ने शहर के कई व्यापारियों से वसूली भी की। 2012 में बाबूपुरवा में दर्ज हत्या के प्रयास के एक मामले में फरार रईस पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। बनारस पुलिस की अभिरक्षा से फरार होने के बाद वहां की पुलिस ने भी उस पर 25 हजार रुपये इनाम रखा था। दोनों को मिलाकर उस पर 50 हजार का इनाम घोषित था। 

 

रईस की कुछ आदतें ऐसी थीं कि पुलिस और एसटीएफ उसका पता लगा पाने में नाकामयाब रहीं

raees banarasi and Rakesh shot dead in cross firing
बदमाश रईस बनारसी
रईस बनारसी की कुछ आदतें ऐसी थीं कि पुलिस और एसटीएफ उसका पता लगा पाने में नाकामयाब रहीं। पुलिस अफसर बताते हैं कि रईस कभी मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करता था। वह आवागमन के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट ट्रेन, बस, आटो और टेंपो का उपयोग करता था। पुलिस की सरगर्मी बढ़ने पर वह अपना हुलिया भी बदल लेता था, जिससे पुलिस गच्चा खा जाती थी। रईस कभी दाढ़ी-मूंछ रख लेता था. तो वह भी सिर के बाल के साथ दाढ़ी-मूंछ भी साफ कर लेता था। कभी लुंगी, कुर्ता पहनकर घूमता था, तो कभी जींस-टी शर्ट।

बढ़ गई थी इनामी राशि
बाबूपुरवा में हत्या के प्रयास के एक मामले में वांछित रईस बनारसी पर आईजी आलोक सिंह ने 14 जून को इनाम की राशि बढ़ाए जाने की सिफारिश की थी। राशि को 25 से 50 हजार रुपये किए जाने के लिए एडीजी को पत्र लिखा था। एडीजी ने 19 जून ने एडीजी ने इनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी थी।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed