सीएसजेएमयू वार्षिक परीक्षाएं: डाकघर से मिलेंगे प्रश्नपत्र, कॉलेजों की माथापच्ची बढ़ी, सुरक्षा पर भी सवाल खड़े
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में होने वाली स्नातक और परास्नातक वार्षिक परीक्षाओं के प्रश्नपत्र डाकघर से मिलेंगे। इससे केंद्र व्यवस्थापक परेशान हैं। उनका कहना है कि इससे जहां लेटलतीफी हो सकती है, वहीं सुरक्षा पर भी सवाल खड़े होंगे।
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छत्रपति शाहू जी महाराज विवि में इस साल होने वाली स्नातक और परास्नातक की वार्षिक परीक्षाओं के प्रश्नपत्र प्रधान डाकघर से दिए जाएंगे। अभी तक कॉलेज से एक-दो किमी की दूरी पर नोडल सेंटर बनाकर पेपर दिए जाते थे पर अब सभी कॉलेजों के शिक्षकों को डाकघर आना होगा। ऐसे में ज्यादा दूरी पर स्थित कॉलेजों के लिए यह फैसला परेशानी का सबब बनेगा। परेशान केंद्र व्यवस्थापकों का कहना है कि इतनी दूरी से पेपर लाए जाएंगे, तो सुरक्षा पर भी सवाल खड़े होंगे।
पेपर लेने प्रधान घर जाना होगा
विवि में 12 मई से शुरू होने वाली स्नातक और परास्नातक द्वितीय, तृतीय साल की परीक्षा में इस बार बड़ा फेरबदल किया गया है। विवि के इतिहास में पहली बार प्रश्नपत्र लेने के लिए प्रधान डाकघर जाना पड़ेगा। परीक्षाएं सुबह नौ से 12 बजे और दोपहर दो से पांच बजे की पालियों में होंगी। दोनों पालियों के पेपर एक ही समय पर दिए जाएंगे। केंद्र की ओर से नियुक्त कर्मी को डाकघर में सुबह सात बजे से पहुंचना होगा। कई केंद्र प्रधान डाकघर से कई किलोमीटर की दूरी पर हैं।
पीपीएन कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अनूप सिंह कहते हैं कि शहर में 100 केंद्र हैं जहां औसत एक हजार परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। सुबह और शाम की पाली के करीब दो हजार पेपर को समय पर लेकर आना काफी मुश्किल भरा होगा। विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ. एके मिश्र ने कहा कि अभी तक यह तय हुआ है कि प्रधान डाकघर से ही पेपर आवंटित होंगे। हालांकि विवि पेपर की सुरक्षा के मद्देनजर इस पर पुन: विचार कर रहा है। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं किया जाएगा।
यह है समस्या
दूरदराज पर बने केंद्रों को भी पेपर लेने के लिए डाकघर आना पड़ेगा। एक ही जगह से पेपर आवंटित होने पर जमावड़ा लगेगा। ऐसी स्थिति में पेपर के लीक होने, समय पर केंद्र न पहुंचने की संभावना अधिक है। अभी तक विवि प्रश्नपत्रों के लिए शहर में अलग अलग नोडल सेंटर बनाता था, हर सेंटर पर चार या पांच केंद्र ही प्रश्नपत्र लेने के लिए आते थे।