UP: कोरोना काल में खरीदी 24 बीघा जमीन, 20 करोड़ की जमीन को 3.60 करोड़ का दिखाया, जांच में कई और खुलासे
पनकी के प्रॉपर्टी डीलरों ने उपायुक्त उद्योग से करीब 20 करोड़ की जमीन खरीदी और उसे कागजों में 3.60 करोड़ का दिखाया। आयकर विभाग द्वारा जांच की जा रही है कि प्रॉपर्टी डीलर यह रकम कहां से लाए। साथ ही, उपायुक्त उद्योग के आयकर रिटर्नों की भी जांच शुरू कर दी गई है।
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कानपुर में उपायुक्त उद्योग राजेश सिंह यादव और उनकी मां विमला यादव की समिति के जरिये 24 बीघा जमीन खरीदकर प्रॉपर्टी डीलर राजू चौहान और देशराज कुशवाहा आयकर के निशाने पर आ गए। खास बात यह है कि इन्होंने जमीन कोरोना काल में खरीदी, उस समय रियल इस्टेट कारोबार, तो लगभग बेदम सा हो गया था।
इसके अलावा करीब 20 करोड़ की संपत्ति को साढ़े तीन करोड़ में खरीदना दिखाया गया है। रजिस्ट्री विभाग से इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। राजू चौहान और देशराज कुशवाहा के प्रतिष्ठानों पर आयकर लखनऊ की टीम ने 31 अगस्त को छापा मारा था।
इसमें देशराज के फार्म हाउस, आवास, राजू चौहान के मैरिज लॉन और घर पर कार्रवाई की गई थी। इन लोगों ने उपायुक्त उद्योग से 2020-21 में जमीन खरीदी थी। जांच की जा रही है कि कोरोना काल में दोनों प्रॉपर्टी डीलरों के पास इतने रुपये कहां से आए।
सूत्रों के अनुसार कागजों में भले 3.60 करोड़ की खरीद दिखाई गई, लेकिन इसकी कीमत ज्यादा चुकाई गई है। उपायुक्त उद्योग के खातों में बड़े पैमाने पर लेनदेन हुआ था। इसके साथ ही करोड़ों की नकदी भी ली गई थी। इस खेल में कौन-कौन शामिल रहा, उपायुक्त उद्योग की क्या भूमिका रही इसकी भी जांच की जा रही है।
उपायुक्त उद्योग के आयकर रिटर्नों की भी जांच कराई जा रही है। जमीन बेचने के बाद मिली रकम कहां खपाई गई, इसकी भी जांच शुरू कर दी गई है। बता दें कि कार्रवाई के दौरान प्रॉपर्टी डीलरों के प्रतिष्ठानों से कैश और ज्वैलरी भी मिली है, लेकिन रकम और ज्वैलरी कितनी है। इसका खुलासा नहीं किया गया है।
राजू चौहान के पास मिले 55 बीघा जमीन के दस्तावेज
राजू चौहान और देशराज कुशवाहा का रहन सहन बेहद साधारण है। अकेले राजू चौहान के पास 55 बीघा जमीनों के दस्तावेज मिले हैं। ऐसे में राजू की आय के स्रोत खंगाले जा रहे हैं।
माना जा रहा कि इनका एक बड़ा सिंडीकेट है, जो रुपये लगाता है। वहीं देशराज बसपा के शासनकाल में एक मंत्री का बेहद करीबी था। सूत्रों का कहना है कि उपायुक्त उद्योग ने जो नकदी ली है, इस मामले में आयकर जल्द कार्रवाई कर सकता है।