{"_id":"59572f094f1c1bcb168b4bfc","slug":"public-is-unknown-about-gst","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"GST लागू: पब्लिक नहीं समझ पा रही नफा-नुकसान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
GST लागू: पब्लिक नहीं समझ पा रही नफा-नुकसान
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 01 Jul 2017 05:23 PM IST
विज्ञापन
जीएसटी लागू
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शुरुआती दौर में पब्लिक को जीएसटी लागू होने का नफा नुकसान समझ में नहीं आएगा, क्योंकि दुकानदारों के पास पुराना स्टॉक होगा। हर व्यापारी इसकी अलग-अलग कीमत देकर आया होगा। इस वजह से इसके रेट में भी अंतर होगा। ये कहना है जीएसटी के जानकार टैक्स स्पेशलिस्ट का।
जीएसटी लागू
किस मद पर लगाएं जीएसटी
बहुत से छोटे व्यापारियों को यह समझ में नहीं आएगा कि उसे जीएसटी किस मद में लगानी है। यानी वह खरीद लागत पर जीएसटी लगाए या एमआरपी पर। सीए विवेक खन्ना के मुताबिक 30 जून को व्यापारी के पास कुछ स्टॉक बचेगा। उस पर वह इनपुट क्रेडिट ले चुका होगा या लेना होगा। इनपुट क्रेडिट प्राप्त कर लेने की स्थिति में कॉस्ट प्राइज यानी लागत मूल्य पर जीएसटी लगाना चाहिए। जिन्हें इनपुट प्राप्त नहीं हुआ वे एमआरपी पर लगा सकते हैं। छोटे व्यापारी को यह समझने में दिक्कत होगी। बड़े व्यापारी, शॉपिंग मॉल में ऐसी समस्या नहीं आएगी क्योंकि उनके पास टैक्स कंसल्टेंट होते हैं।
बहुत से छोटे व्यापारियों को यह समझ में नहीं आएगा कि उसे जीएसटी किस मद में लगानी है। यानी वह खरीद लागत पर जीएसटी लगाए या एमआरपी पर। सीए विवेक खन्ना के मुताबिक 30 जून को व्यापारी के पास कुछ स्टॉक बचेगा। उस पर वह इनपुट क्रेडिट ले चुका होगा या लेना होगा। इनपुट क्रेडिट प्राप्त कर लेने की स्थिति में कॉस्ट प्राइज यानी लागत मूल्य पर जीएसटी लगाना चाहिए। जिन्हें इनपुट प्राप्त नहीं हुआ वे एमआरपी पर लगा सकते हैं। छोटे व्यापारी को यह समझने में दिक्कत होगी। बड़े व्यापारी, शॉपिंग मॉल में ऐसी समस्या नहीं आएगी क्योंकि उनके पास टैक्स कंसल्टेंट होते हैं।
जीएसटी लागू
बिल फार्मेट नहीं
लगभग सभी व्यापारियों, दुकानदारों के पास जीएसटी काउंसिल की ओर से निर्धारित बिल का फार्मेट नहीं है। इसलिए शुरुआती दिनों में निर्धारित बिल पर बिक्री नहीं कर सकेंगे।
लगभग सभी व्यापारियों, दुकानदारों के पास जीएसटी काउंसिल की ओर से निर्धारित बिल का फार्मेट नहीं है। इसलिए शुरुआती दिनों में निर्धारित बिल पर बिक्री नहीं कर सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कपड़ा बाजार की दुकानें बंद
आज से ठप होगा कपड़ा व्यवसाय
20 लाख से अधिक टर्नओवर वाले जिन कारोबारियों ने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है वे एक जुलाई से कारोबार नहीं कर सकेंगे। यह स्थिति शहर के कपड़ा कारोबारियों के सामने आएगी। शहर के किसी भी कपड़ा कारोबारी ने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है।
20 लाख से अधिक टर्नओवर वाले जिन कारोबारियों ने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है वे एक जुलाई से कारोबार नहीं कर सकेंगे। यह स्थिति शहर के कपड़ा कारोबारियों के सामने आएगी। शहर के किसी भी कपड़ा कारोबारी ने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है।