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Kanpur News: पीएसआईटी की नैंसी को मिला कुलाधिपति स्वर्ण पदक
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कानपुर। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में पीएसआईटी कानपुर के छात्रों ने परचम लहराया। पीएसआईटी की बीटेक-सीएसएआईएमएल की छात्रा नैंसी को कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल, मुख्य अतिथि कैप्टन शुभांशु शुक्ला एवं प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने कुलाधिपति स्वर्ण पदक से नवाजा।
नैंसी के अलावा एमबीए की आयुषी गोयल को गोल्ड मेडल और दीपांजलि सचान को कांस्य पदक, एमसीए शक्ति गुप्ता को रजत पदक और शुभ शुक्ला को कांस्य पदक दिए गए। बीटेक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस इन मशीन लर्निंग (एआईएमएल) करने वाली नैंसी इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं। कानपुर देहात के पुखरायां निवासी नैंसी के पिता चंद्रकांत पुरवार सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं और मां रीता गृहिणी हैं।
नैंसी ने कहा कि जब कुलाधिपति ने मेडल पहनाया तो लगा कि बेटियां अगर ठान लें तो कुछ भी मुश्किल नहीं। नैंसी को गेट 2025 में ऑल इंडिया 609वीं रैंक मिली है। उनको नेट जेआरएफ 99.91 पर्सेंटाइल मिले हैं। नैंसी ने बताया कि फैकल्टी के मार्गदर्शन और सहयोग ने उन्हें न केवल विषयों की गहराई से पढ़ाई में मदद की बल्कि इंटरव्यू और ग्रुप डिस्कशन के दौरान आत्मविश्वास भी बढ़ाया।
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एमबीए की आयुषी ने बताया कि मेहनत, अनुशासन और फैकल्टी का समर्थन उनकी सफलता की कुंजी रही। पीएसआईटी के चेयरमैन प्रणवीर सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि संस्थान की शिक्षा गुणवत्ता और विद्यार्थियों की मेहनत का प्रमाण है जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। ग्रुप डायरेक्टर डॉ. मनमोहन शुक्ला नकिहा कि उत्कृष्ट अकादमिक परिणाम और प्लेसमेंट रिकॉर्ड कॉलेज के समर्पित प्रयासों का परिणाम है।
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नैंसी के अलावा एमबीए की आयुषी गोयल को गोल्ड मेडल और दीपांजलि सचान को कांस्य पदक, एमसीए शक्ति गुप्ता को रजत पदक और शुभ शुक्ला को कांस्य पदक दिए गए। बीटेक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस इन मशीन लर्निंग (एआईएमएल) करने वाली नैंसी इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं। कानपुर देहात के पुखरायां निवासी नैंसी के पिता चंद्रकांत पुरवार सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं और मां रीता गृहिणी हैं।
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नैंसी ने कहा कि जब कुलाधिपति ने मेडल पहनाया तो लगा कि बेटियां अगर ठान लें तो कुछ भी मुश्किल नहीं। नैंसी को गेट 2025 में ऑल इंडिया 609वीं रैंक मिली है। उनको नेट जेआरएफ 99.91 पर्सेंटाइल मिले हैं। नैंसी ने बताया कि फैकल्टी के मार्गदर्शन और सहयोग ने उन्हें न केवल विषयों की गहराई से पढ़ाई में मदद की बल्कि इंटरव्यू और ग्रुप डिस्कशन के दौरान आत्मविश्वास भी बढ़ाया।
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एमबीए की आयुषी ने बताया कि मेहनत, अनुशासन और फैकल्टी का समर्थन उनकी सफलता की कुंजी रही। पीएसआईटी के चेयरमैन प्रणवीर सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि संस्थान की शिक्षा गुणवत्ता और विद्यार्थियों की मेहनत का प्रमाण है जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। ग्रुप डायरेक्टर डॉ. मनमोहन शुक्ला नकिहा कि उत्कृष्ट अकादमिक परिणाम और प्लेसमेंट रिकॉर्ड कॉलेज के समर्पित प्रयासों का परिणाम है।