{"_id":"604682038ebc3e592c735f96","slug":"protest-dehat-news-knp616443087","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिनियम की प्रतियां जला जताया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधिनियम की प्रतियां जला जताया विरोध
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर देहात। कलक्ट्रेट में सोमवार को उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ के पदाधिकारियों ने शिक्षा सेवा अधिकरण अधिनियम 2021 की प्रतियां जलाकर विरोध जताया। पदाधिकारियों ने कहा कि यह काला कानून है।
महासंघ के मंडलीय मंत्री वीके मिश्र ने कहा कि शिक्षा सेवा अधिकरण अधिनियम को प्राथमिक, माध्यमिक, महाविद्यालय, मदरसा आदि के शिक्षक वापस लेने की लगातार मांग कर रहे हैं। इस अधिनियम के लागू होने से शिक्षकों को न्याय नहीं मिलेगा, बल्कि उनका शोषण शुरू हो जाएगा। इस अधिनियम में केवल उच्चतम न्यायालय की अधिकारिता ही बचेगी।
प्रदेशीय उपाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद यादव ने कहा कि अधिनियम शिक्षकों के हित में नहीं है। शिक्षक हक की लड़ाई के लिए एक जुट हैं। यहां माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष धीरेंद्र कुमार त्रिपाठी, उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह यादव, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री आनंद कुमार मिश्र और माध्यमिक शिक्षक संघ के अमर नाथ यादव, बृजेश कुमार, जयनेंद्र यादव, दिनेश कुशवाहा, विजय माथुर, धीरेंद्र, राघवेंद्र भदौरिया, रजनीश सक्सेना आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
महासंघ के मंडलीय मंत्री वीके मिश्र ने कहा कि शिक्षा सेवा अधिकरण अधिनियम को प्राथमिक, माध्यमिक, महाविद्यालय, मदरसा आदि के शिक्षक वापस लेने की लगातार मांग कर रहे हैं। इस अधिनियम के लागू होने से शिक्षकों को न्याय नहीं मिलेगा, बल्कि उनका शोषण शुरू हो जाएगा। इस अधिनियम में केवल उच्चतम न्यायालय की अधिकारिता ही बचेगी।
विज्ञापन
प्रदेशीय उपाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद यादव ने कहा कि अधिनियम शिक्षकों के हित में नहीं है। शिक्षक हक की लड़ाई के लिए एक जुट हैं। यहां माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष धीरेंद्र कुमार त्रिपाठी, उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह यादव, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री आनंद कुमार मिश्र और माध्यमिक शिक्षक संघ के अमर नाथ यादव, बृजेश कुमार, जयनेंद्र यादव, दिनेश कुशवाहा, विजय माथुर, धीरेंद्र, राघवेंद्र भदौरिया, रजनीश सक्सेना आदि रहे।
विज्ञापन