प्रियंका गांधी कहा 'यूपी सरकार के अधिकारी रोज बैठकर प्रेस के सामने लाखों बेड होने का झूठ बोलते हैं'
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में कोरोना की बिगड़ती स्थिती को लेकर हमला बोला है। प्रियंका ने हरदोई के सवायजपुर से भाजपा विधायक के भाई की सोशल मीडिया पर शासन के दावों पर आई तल्ख टिप्पणी पर प्रकाशित अमर उजाला की खबर को फेसबुक पर पोस्ट करते हुए निशाना साधा है।
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया है कि यूपी सरकार के अधिकारी रोज बैठकर प्रेस के सामने लाखों बेड होने का झूठ बोलते हैं। प्रियंका गांधी के पेज पर संबंधित भाजपा विधायक ने भी अपनी बात कही है। सवायजपुर से भाजपा विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू बीते सोमवार को एंटीजन टेस्ट में कोरोना संक्रमित पाए गए थे।
उसी दिन विधायक एल-2 अस्पताल में हरदोई में भर्ती हो गए थे। मंगलवार को बेहतर उपचार के लिए लखनऊ चले गए थे। वहां जाने के बाद वह एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हो गए थे। विधायक के छोटे भाई प्रदेश गन्ना संघ के निदेशक धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार दोपहर 3:26 मिनट पर मुख्यमंत्री कार्यालय के फेसबुक एकाउंट पर अफसरों की प्रेस कांफ्रेंस पर नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा था कि सब फर्जी, विधायकों को बेड नहीं मिल रहा है। भाषण देना है तो मंच लगा लीजिए।
इससे संबंधित खबर अमर उजाला ने गुरुवार के अंक में प्रकाशित की थी। खबर को प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने फेसबुक पेज पर चस्पा कर लिखा है कि यूपी सरकार के अधिकारी रोज बैठकर प्रेस के सामने लाखों बेड होने का झूठ बोलते हैं, लेकिन हाल देखिए उनकी पोल खुद उनके विधायक के भाई ने खोल दी। साथ में प्रियंका गांधी ने यह भी लिखा कि यह है यूपी सरकार के दावों की असलियत।
भाजपा विधायक ने कुछ इस तरह दिया प्रियंका गांधी को जवाब
इस पर भाजपा विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह ने भी गंभीर बातें लिखीं हैं। विधायक ने लिखा है कि शासन व्यवस्था सिस्टम पर प्रश्रचिन्ह लगाना बहुत आसान है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना महामारी में जो कार्य किए हैं व अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि मेरे इलाज पर जो भी मीडिया में छापा गया उससे मै बिल्कुल इत्तेफाक नहीं रखता।
लखनऊ अपनी स्वेच्छा से आने की बात कहते हुए विधायक ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय, संगठन मंत्री सुनील बंसल, चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष जेपीएस राठौर, प्रदेश महामंत्री पंकज सिंह और क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रद्युम्र कुमार लगातार उनकी चिंता कर रहे हैं।
विधायक ने कहा कि बीमारी की भयावहता को देखते हुए मेरे भाई का मेरे स्वास्थ्य के प्रति चिंतित होना स्वाभाविक था। वह मुझे उच्च स्तरीय इलाज हेतु पीजीआई में एडमिट कराना चाह रहे थे, परंतु मै अपने को स्वस्थ महसूस कर रहा था। भावावेश में अगर भाई ने कुछ लिखा भी तो इस तरह तूल देना हास्यास्पद है।