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सलाखों के पीछे सांस ले रहे थे, स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हुए रिहा, परिजनों को देख भर आई आंखें
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 17 Aug 2017 12:04 PM IST
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स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कैदियों की रिहाई
- फोटो : अमर उजाला
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आजादी के 70वीं वर्षगांठ पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जेलों में छोटी सजा के बंद 70 सजायाफ्ता कैदियों को रिहा करने की योजना तैयार की थी। ये कैदी अदालत द्वारा सुनायी गई सजा काट चुके हैं। जबकि अदालत द्वारा लगाए जुर्माने (अर्थदण्ड)की रकम अदा न कर पाने की वजह से उसके एवज में सजा काट रहे थे।
उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक सिमिति लखनई के प्रयासों से वाराणसी कारागार से नौ बंदी, लखीमपुर खीरी से दो, उन्नाव से एक, कानपुर देहात से तीन व फतेहपुर जिला कारागार से एक बंदी अपराध निरोधक कमेटी द्वारा अर्थदंड जमा कराकर रिहा करा लिए गए।
बता दें राज्य सरकार ने ऐसा पहली बार निर्णय लिया है। जिससे बंदियों के परिवार में खुशी है। स्वतंत्रता दिवस के दिन अपनों से मिलकर परिवार के लोग खुशी से झूम उठे। उन्होंने दिल से अपराध निरोधक कमेटी का व उत्तर प्रदेश सरकार का शुक्रिया अदा किया।
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प्रदेश सरकार व उ.प्र अपाराध निरोधक कमेटी की सराहना हो रही है। बता दें जेल में कई ऐसे बंदी है जो रुपयों के अभाव में जमानत नहीं करा पाते या फिर जुर्माना अदा नहीं करने पर जेल के सींखचों के पीछे ही जीवन काटना पड़ता है। ऐसे लोगों से कारागार भरा रहता है। बंदी भी गुमनामी की जिंदगी जीता है।
ज्यादा गंभीर अपराध में संलिप्त नहीं होने और अपनी सजा पूरी करने के बाद भी कई लोग जेल में बंद है, जिन पर सरकार का ध्यान गया है। इस कवायद से जेल से बाहर आने वाले बंदियों को नया जीवन मिला है।
इस मौके पर उ.प्र अपाराध निरोधक कमेटी के चेयरमैन श्री रमिन्दर सिंह, प्रांतिय उपाध्यक्ष दीपक कुमार गुप्ता, सहायक सचिव नवनीत शुक्ला, सहायक सचिव सौरभ श्याम श्रीवास्तव, मंडल सचिव कानपुर आशुतोष बाजपेयी, कानपुर जिला सचिव विजय मेहरोत्रा, अंगददीप सिंह, पंडित उमेश अवस्थी, अजीत सक्सेना, अम्बरीश चंदेल द्वारा कानपुर देहात एवं उन्नाव जनपद, राजेश सिंह, डॉ. लक्ष्मणदास, शरद पवार, वाराणसी जनपद रजनीश मिश्रा, लखीमपुर खीरी, विपिन बिहारी सरन, फतेहपुर जनपद जिला कारागार में पहुंच कर इस कार्य में सहयोग दिया।
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उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक सिमिति लखनई के प्रयासों से वाराणसी कारागार से नौ बंदी, लखीमपुर खीरी से दो, उन्नाव से एक, कानपुर देहात से तीन व फतेहपुर जिला कारागार से एक बंदी अपराध निरोधक कमेटी द्वारा अर्थदंड जमा कराकर रिहा करा लिए गए।
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बता दें राज्य सरकार ने ऐसा पहली बार निर्णय लिया है। जिससे बंदियों के परिवार में खुशी है। स्वतंत्रता दिवस के दिन अपनों से मिलकर परिवार के लोग खुशी से झूम उठे। उन्होंने दिल से अपराध निरोधक कमेटी का व उत्तर प्रदेश सरकार का शुक्रिया अदा किया।
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प्रदेश सरकार व उ.प्र अपाराध निरोधक कमेटी की सराहना हो रही है। बता दें जेल में कई ऐसे बंदी है जो रुपयों के अभाव में जमानत नहीं करा पाते या फिर जुर्माना अदा नहीं करने पर जेल के सींखचों के पीछे ही जीवन काटना पड़ता है। ऐसे लोगों से कारागार भरा रहता है। बंदी भी गुमनामी की जिंदगी जीता है।
ज्यादा गंभीर अपराध में संलिप्त नहीं होने और अपनी सजा पूरी करने के बाद भी कई लोग जेल में बंद है, जिन पर सरकार का ध्यान गया है। इस कवायद से जेल से बाहर आने वाले बंदियों को नया जीवन मिला है।
इस मौके पर उ.प्र अपाराध निरोधक कमेटी के चेयरमैन श्री रमिन्दर सिंह, प्रांतिय उपाध्यक्ष दीपक कुमार गुप्ता, सहायक सचिव नवनीत शुक्ला, सहायक सचिव सौरभ श्याम श्रीवास्तव, मंडल सचिव कानपुर आशुतोष बाजपेयी, कानपुर जिला सचिव विजय मेहरोत्रा, अंगददीप सिंह, पंडित उमेश अवस्थी, अजीत सक्सेना, अम्बरीश चंदेल द्वारा कानपुर देहात एवं उन्नाव जनपद, राजेश सिंह, डॉ. लक्ष्मणदास, शरद पवार, वाराणसी जनपद रजनीश मिश्रा, लखीमपुर खीरी, विपिन बिहारी सरन, फतेहपुर जनपद जिला कारागार में पहुंच कर इस कार्य में सहयोग दिया।