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फर्रुखाबाद: सेंट्रल जेल में पीपल के पेड़ पर लटका मिला मां व सौतेले पिता की हत्या करने वाला कैदी
Sun, 29 Sep 2019 04:36 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
यूपी डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 29 Sep 2019 04:36 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : गूगल
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फर्रुखाबाद में मां और सौतेले पिता की हत्या के मामले में फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे उन्नाव जिले के कैदी ने रविवार की सुबह परिसर में पेड़ पर फांसी लगाकर जान दे दी। घटना से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसपी और कोतवाल मौके पर पहुंचे, तब शव को उतारा गया।
पुलिस ने मानसिक बीमारी के चलते आत्महत्या करने की बात बताई है। उन्नाव के असोहा क्षेत्र स्थित अनवरपुर गांव के राधेश्याम यादव (62) को मां और सौतेले पिता की हत्या में दोषी पाए जाने पर उम्रकैद की सजा 11 जनवरी 2005 को सुनाई गई थी। 14 जनवरी 2019 को राधेश्याम को उन्नाव से फतेहगढ़ की सेंट्रल जेल भेज दिया गया था।
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पुलिस ने मानसिक बीमारी के चलते आत्महत्या करने की बात बताई है। उन्नाव के असोहा क्षेत्र स्थित अनवरपुर गांव के राधेश्याम यादव (62) को मां और सौतेले पिता की हत्या में दोषी पाए जाने पर उम्रकैद की सजा 11 जनवरी 2005 को सुनाई गई थी। 14 जनवरी 2019 को राधेश्याम को उन्नाव से फतेहगढ़ की सेंट्रल जेल भेज दिया गया था।
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4 फरवरी 2018 को मानसिक बीमारी के चलते उसे वाराणसी के मानसिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया। 18 मई को राधेश्याम को वापस लाया गया। जेल में भी उसे अस्पताल में ही रखा गया था। सुबह करीब साढ़े आठ बजे वह अस्पताल परिसर में बने शौचालय में गया और देर तक नहीं लौटा।
कुछ देर बाद कैदियों ने राधेश्याम का शव पीपल के पेड़ पर लुंगी के फंदे पर लटकता देखा और बंदी रक्षकों को सूचना दी। सूचना पर जेलर सुरेश चंद्र, अधीक्षक एसएचएम रिजवी मौके पर पहुंचे। बाद में एसपी डॉ. अनिल मिश्रा और कोतवाल अजय नारायण भी आ गए। तहसीलदार राजू कुमार की मौजूदगी में शव को फंदे से उतारा गया।
कैदी ने पीपल के पेड़ पर काफी ऊंचाई पर फांसी लगाई थी। कैदी के परिजनों को सूचना दी गई। कोतवाल ने बताया कि मानसिक रूप से बीमारी के चलते राधेश्याम ने फांसी लगाई। शव का पोस्टमार्टम डॉ. अमित अग्रवाल व डॉ. नीरज के पैनल ने किया। बताया कि कैदी की मौत फांसी लगने से दम घुटने से हुई है। पोस्टमार्टम की फोटो और वीडियोग्राफी भी करवाई गई।
कुछ देर बाद कैदियों ने राधेश्याम का शव पीपल के पेड़ पर लुंगी के फंदे पर लटकता देखा और बंदी रक्षकों को सूचना दी। सूचना पर जेलर सुरेश चंद्र, अधीक्षक एसएचएम रिजवी मौके पर पहुंचे। बाद में एसपी डॉ. अनिल मिश्रा और कोतवाल अजय नारायण भी आ गए। तहसीलदार राजू कुमार की मौजूदगी में शव को फंदे से उतारा गया।
कैदी ने पीपल के पेड़ पर काफी ऊंचाई पर फांसी लगाई थी। कैदी के परिजनों को सूचना दी गई। कोतवाल ने बताया कि मानसिक रूप से बीमारी के चलते राधेश्याम ने फांसी लगाई। शव का पोस्टमार्टम डॉ. अमित अग्रवाल व डॉ. नीरज के पैनल ने किया। बताया कि कैदी की मौत फांसी लगने से दम घुटने से हुई है। पोस्टमार्टम की फोटो और वीडियोग्राफी भी करवाई गई।