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यूपी: कन्नौज जेल में पॉक्सो एक्ट में बंद कैदी का शव पेड़ पर फंदे से लटका मिला, जेब से मिला पर्चा
Sun, 15 Aug 2021 11:20 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कन्नौज
अमर उजाला नेटवर्क, कन्नौज
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 15 Aug 2021 11:20 PM IST
सार
जेल अधीक्षक वीके मिश्रा ने बताया कि बंदी के फांसी लगाकर मौत की जानकारी उसके परिजनों को दी है। स्वतंत्रता दिवस पर सभी के व्यस्त होने का फायदा उठाकर बंदी ने फांसी लगा ली।
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मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कन्नौज जिले के जलालाबाद में स्वतंत्रता दिवस पर जिला जेल में किशोर बैरक के पीछे छेड़छाड़ व पॉक्सो एक्ट के आरोपी युवक का पेड़ पर फंदे से शव लटका मिला। उसके परिजनों ने विरोधी से मिलकर रुपये के बल पर हत्या का आरोप लगाया।
गुरसहायगंज कोतवाली इलाके के गांव गड़रियनपुरवा का जोगराज पाल (35) तीन जुलाई से जेल की बैरक संख्या 16 में बंद था। पंद्रह अगस्त की दोपहर लगभग पौने एक बजे जोगराज का शव किशोर बैरक के पीछे कृषि फार्म की तरफ नीम के पेड़ पर फंदे से लटका मिला।
जेल अधीक्षक वीके मिश्रा ने बताया कि बंदी के फांसी लगाकर मौत की जानकारी उसके परिजनों को दी है। स्वतंत्रता दिवस पर सभी के व्यस्त होने का फायदा उठाकर बंदी ने फांसी लगा ली। परिजनों के सामने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
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जांच के बाद बैरक में ड्यूटी कर रहे बंदी रक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जोगराज के परिवार में पत्नी ममता, मां कुसुमा देवी, तीन नाबालिग बच्चे हैं। उसे छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट में जेल भेजा गया था।
जोगराज की जेब से पत्र मिला है, जिसमें जमानत न होने, वेबसाइट पर तारीख शो न होने, जमानत के लिए दिक्कत आदि का जिक्र है। गुरसहायगंज थानेदार टीपी वर्मा ने बताया कि जोगराज अनपढ़ था। उसने किसी से पर्चा लिखवाया था। इस पर्चे को वह मिलाई करने वालों को देना चाहता होगा। इसे सुसाइड नोट नहीं कहा जा सकता है।
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गुरसहायगंज कोतवाली इलाके के गांव गड़रियनपुरवा का जोगराज पाल (35) तीन जुलाई से जेल की बैरक संख्या 16 में बंद था। पंद्रह अगस्त की दोपहर लगभग पौने एक बजे जोगराज का शव किशोर बैरक के पीछे कृषि फार्म की तरफ नीम के पेड़ पर फंदे से लटका मिला।
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जेल अधीक्षक वीके मिश्रा ने बताया कि बंदी के फांसी लगाकर मौत की जानकारी उसके परिजनों को दी है। स्वतंत्रता दिवस पर सभी के व्यस्त होने का फायदा उठाकर बंदी ने फांसी लगा ली। परिजनों के सामने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
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जांच के बाद बैरक में ड्यूटी कर रहे बंदी रक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जोगराज के परिवार में पत्नी ममता, मां कुसुमा देवी, तीन नाबालिग बच्चे हैं। उसे छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट में जेल भेजा गया था।
जोगराज की जेब से पत्र मिला है, जिसमें जमानत न होने, वेबसाइट पर तारीख शो न होने, जमानत के लिए दिक्कत आदि का जिक्र है। गुरसहायगंज थानेदार टीपी वर्मा ने बताया कि जोगराज अनपढ़ था। उसने किसी से पर्चा लिखवाया था। इस पर्चे को वह मिलाई करने वालों को देना चाहता होगा। इसे सुसाइड नोट नहीं कहा जा सकता है।