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टेंडर घोटाला: एसआईटी की पूछताछ में ठेकेदार ने पार्षद वेलफेयर एसोसिएशन पर फिर उंगली उठाई, पढ़ें पूरा मामला

Mon, 05 Oct 2026 11:02 AM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Shikha Pandey Updated Mon, 05 Oct 2026 11:02 AM IST
सार

Kanpur News: स्वरूपनगर थाने में डेढ़ घंटे तक ठेकेदार गोविंद शर्मा से पूछताछ हुई। ठेकेदार 600 करोड़ के टेंडर और फर्म घोटाले का मुख्य आरोपी है।

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Tender Scam: Contractor again points fingers at the Councilor Welfare Association during SIT questioning
स्वरूप नगर थाने के बाहर अपनी कार में बैठता ठेकेदार गोविंद शर्मा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नगर निगम में सामने आए 600 करोड़ रुपये के टेंडर और फर्म घोटाले के मुख्य आरोपी ठेकेदार गोविंद शर्मा से रविवार को पुलिस की एसआईटी ने स्वरूपनगर थाने में डेढ़ घंटे तक पूछताछ की। दूसरी बार बयान दर्ज कराने पहुंचे आरोपी से एसआईटी ने 40 से अधिक सवाल किए। सूत्रों के अनुसार इस दौरान गोविंद ने पार्षद वेलफेयर एसोसिएशन पर वसूली का आरोप लगा एक बार फिर से उंगली उठाई। बताया टेंडर लेने के लिए पार्षद से लेकर मुख्य अभियंता तक को 40 प्रतिशत कमीशन देना होता है। अधिकतम विकास कार्य पार्षद वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़े पार्षदों के इलाकों में ही होते थे।
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अगर कोई निर्माणाधीन सड़क दो वार्डों से गुजर रही है तो दोनों पार्षद एनओसी तभी देते थे जब एसोसिएशन के जरिये रकम पहुंचा दी जाती थी। गोविंद ने कई भ्रष्ट पार्षदों और प्रतिष्ठित लोगों के नाम भी लिए हैं जो पूरे सिंडिकेट से जुड़े हैं। उसने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि नगर निगम में बिना घूस दिए कोई काम नहीं होता।
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पार्षद से लेकर मुख्य अभियंता तक कुल टेंडर का 40 प्रतिशत बंटता है। 20 प्रतिशत ठेकेदार लेता है, बची रकम से काम किया जाता है। वहीं, हॉट मिक्स प्लांट बैंक डिटेल से संबंधित जरूरी दस्तावेज वह इस बार भी साथ नहीं लाया। एसआईटी से बोला अभी मैं पारिवारिक समस्याओं में उलझा हूं। पत्नी बीमार है। एसआईटी ने उसे तीन दिन की मोहलत देते हुए सभी दस्तावेज साथ लेकर आने के लिए कहा।
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एसोसिएशन से पल्ला झाड़ चुके हैं पार्षद
गोविंद शर्मा की ओर से पार्षद वेलफेयर एसोसिएशन पर उंगली उठाने ही पार्षद वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य इससे पल्ला झाड़ चुके हैं। हालांकि, नगर निगम में टेंडर घोटाले का खुलासा होने से पहले यही सदस्य पार्षद वेलफेयर एसोसिएशन की टी-शर्ट पहनकर संरक्षक होने का दावा करने वाले महापौर के बेटे अमित पांडेय उर्फ बंटी के साथ साफ-सफाई कराते हुए फोटो खिंचवाते थे। एसोसिएशन की ओर से बाकायदा व्हाट्सएप पर प्रेसनोट भी जारी किए जाते थे जबकि अब यह संस्था गैर पंजीकृत भी बताई जा रही है।

 

हॉट मिक्स प्लांट में इंजीनियर होने की बात निकली गलत
एसआईटी में शामिल अधिकारी ने बताया कि हॉट मिक्स प्लांट की देखरेख के लिए इंजीनियर होना आवश्यक है। जांच में सामने आया था कि प्लांट में इंजीनियर नहीं है। हालांकि, गोविंद से पहले हुई पूछताछ में उसने कहा था कि प्लांट में इंजीनियरों की टीम तैनात है जिनके नाम और नंबर उपलब्ध कराने की बात कही थी। रविवार को उससे इंजीनियरों की लिस्ट मांगी गई तो उसने कहा कि इंजीनियर नहीं प्लांट की देखरेख मैकेनिक के हवाले है। हालांकि, उनके भी नाम और मोबाइल नंबर नहीं दे सका। जांच में हॉट मिक्स प्लांट में जरूरी मशीनें भी नहीं मिली थी। इसपर गोविंद ने कहा कि प्लांट में सभी मशीनें हैं। कुछ मशीनें गुजैनी में खड़ी थीं इसलिए टीम को नहीं दिखीं।

नगर निगम में जमा हैं दस्तावेज
टेंडर प्रक्रिया में वसूली और धांधली के आरोपी ठेकेदारों के सिंडिकेट का सरगना गोविंद शर्मा कानपुर, आगरा और राजस्थान के धौलपुर में फर्म बनाकर ठेकेदारी करता है। एसआईटी ने टेंडर मिलने के लिए लगने वाले कागजात, बैंक अकाउंट की डिटेल, ट्रांजेक्शन, हैसियत प्रमाण पत्र सहित कई दस्तावेज मांगे थे। गोविंद रविवार को उन्हें लेकर नहीं आया। बताया कि कुछ दस्तावेज नगर निगम में जमा हैं। बाकी दूसरे घर में रखे हैं। जल्द ही सभी दस्तावेज दिखा देगा।

 

सीएम ने नगर निगम की कार्यशैली पर उठाया था सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते अगस्त माह में नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाया था। इस दौरान जबरन वसूले जा रहे टैक्स पर नगर आयुक्त को जमकर फटकार लगाई थी। इसके बाद हरकत में आए नगर निगम ने धांधली कर टेंडर प्राप्त करने वाले सात बड़े ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट कर दिया। इसमें गोविंद शर्मा, रज्जन बाजपेई, संदीप जैन, अजय कुमार बाजपेई, दिलीप बाजपेई और प्रार्थना शामिल हैं। इनपर स्वरूपनगर और फजलगंज थाने में अधिशासी अभियंताओं ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने रज्जन बाजपेई और संदीप जैन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सिंडिकेट का सरगना गोविंद शर्मा फरार था। गोविंद को हाईकोर्ट से अरेस्ट स्टे प्राप्त है।

गोविंद शर्मा पर मुकदमा दर्ज है। एसोसिएशन समेत अन्य सभी मुद्दों पर जांच की जा रही है। टेंडर प्रक्रिया से जुड़े अभिलेख वह नहीं लाया था। नोटिस भेजकर दस्तावेजों के साथ आने के लिए कहा जाएगा। जांच में सहयोग न करने पर कार्रवाई की जाएगी। - अर्चना सिंह, प्रभारी एसआईटी, एडीसीपी सेंट्रल

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