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कानपुर: अब 6000 वर्ग मीटर तक केडीए बोर्ड कर देगा भू-उपयोग परिवर्तन, शुल्क भी हुआ आधा
Mon, 05 Oct 2026 11:13 AM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Mon, 05 Oct 2026 11:13 AM IST
सार
Kanpur News: पहले केडीए की रिपोर्ट के आधार पर मामला शासन भेजा जाता था। अब शहर वासियों को लाभ मिलेगा।
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केडीए
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अब छह हजार वर्ग मीटर तक केडीए बोर्ड से ही जमीन का भू-उपयोग परिवर्तन हो जाएगा। इसके लिए शासन स्तर तक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। शासन ने इस प्रक्रिया के शुल्क को भी करीब 50 फीसदी घटा दिया है। इसका लाभ शहरवासियों को मिलने के साथ ही अवैध निर्माणों पर अंकुश लगेगा।
शासन ने 28 सितंबर को आदेश जारी किया है। केडीए बोर्ड को यह अधिकार 6000 वर्गमीटर तक की आवासीय, व्यावसायिक और कृषि भूमि के लिए दिया गया है। इसके लिए जमीन मास्टर प्लान रोड, ग्रीन बेल्ट, ग्रीन एरिया में नहीं होनी चाहिए। इससे अधिक जमीन का भूउपयोग परिवर्तित करने का अधिकार पूर्व की तरह शासन के पास रहेगा।
पहले यह थी व्यवस्था
पहले लोगों को भूउपयोग परिवर्तित कराने के लिए केडीए में प्रार्थनापत्र देना पड़ता था। प्राधिकरण उपाध्यक्ष मुख्य नगर नियोजक से रिपोर्ट लेने के बाद प्रस्ताव प्राधिकरण बोर्ड बैठक के एजेंडे में शामिल करते थे। बोर्ड से स्वीकृति के बाद इसे शासन भेजा जाता था। शासन से स्वीकृति के बाद भू उपयोग परिवर्ति हो जाता था।
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शासन ने 28 सितंबर को आदेश जारी किया है। केडीए बोर्ड को यह अधिकार 6000 वर्गमीटर तक की आवासीय, व्यावसायिक और कृषि भूमि के लिए दिया गया है। इसके लिए जमीन मास्टर प्लान रोड, ग्रीन बेल्ट, ग्रीन एरिया में नहीं होनी चाहिए। इससे अधिक जमीन का भूउपयोग परिवर्तित करने का अधिकार पूर्व की तरह शासन के पास रहेगा।
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पहले यह थी व्यवस्था
पहले लोगों को भूउपयोग परिवर्तित कराने के लिए केडीए में प्रार्थनापत्र देना पड़ता था। प्राधिकरण उपाध्यक्ष मुख्य नगर नियोजक से रिपोर्ट लेने के बाद प्रस्ताव प्राधिकरण बोर्ड बैठक के एजेंडे में शामिल करते थे। बोर्ड से स्वीकृति के बाद इसे शासन भेजा जाता था। शासन से स्वीकृति के बाद भू उपयोग परिवर्ति हो जाता था।
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नई व्यवस्था से लोग अपनी आवश्यकतानुसार स्थानीय स्तर पर भू-उपयोग परिवर्तित करा सकेंगे। इसका शहरवासियों को लाभ मिलेगा। अवैध निर्माणों पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है। - सचिव अभय कुमार पांडेय, सचिव, केडीए
| जमीन का प्रकार | भू-उपयोग का प्रकार | पहले लागू शुल्क | अब शुल्क |
| कृषि योग्य | आवासीय | डीएम सर्किल रेट का 50 प्रतिशत | 25 प्रतिशत |
| कृषि योग्य | व्यावसायिक | डीएम सर्किल रेट का 150 प्रतिशत | 75 प्रतिशत |
| आवासीय | व्यावसायिक | डीएम सर्किल रेट का 100 प्रतिशत | 50 प्रतिशत |