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यूपी के इस शहर को निजी रक्षा इकाइयों का केंद्र बनाने की तैयारी

Thu, 15 Nov 2018 12:18 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Thu, 15 Nov 2018 12:18 PM IST
सार

- आईआईटी, सेना, आर्डनेंस फैक्ट्रियों की भूमिका पर हो रहा विचार 
- रक्षा क्षेत्र की बड़ी औद्योगिक इकाइयों को लाने की तैयारी 

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Preparing to make this city of UP a center for private defense units
डिफेंस एक्सपो-2018 में पहुंचे मंत्री सतीश महाना - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

औद्योगिक नगरी कानपुर डिफेंस कॉरिडोर परियोजना का केंद्र बनेगी। सार्वजनिक क्षेत्र की बड़ी रक्षा इकाइयों के साथ ही यहां निजी रक्षा इकाइयों की स्थापना पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि कानपुर की विभिन्न क्षेत्र में विशेषज्ञता का लाभ इस परियोजना को मिले। इस बात को ध्यान में रखते हुए कानपुर के आसपास डिफेंस कॉरिडोर के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। 
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डिफेंस कॉरिडोर परियोजना के लिए सरकार की ओर से अधिकृत विभाग उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अवनीश अवस्थी ने बुधवार को डिफेंस एक्सपो-2018 के शुभारंभ के मौके पर पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने बताया कि रक्षा क्षेत्र की बड़ी औद्योगिक इकाइयों को यहां लाने की तैयारी चल रही है।
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दरअसल कानपुर की कई क्षेत्र में विशेषज्ञता है। यहां पांच आर्डनेंस फैक्ट्रियां हैं। आईआईटी, डीएमएसआरडीई, सेना और एयरफोर्स की इकाइयां हैं। डिफेंस कॉरिडोर परियोजना में इनकी भूमिका पर विचार किया जा रहा है। इस कारण से भी कानपुर डिफेंस कॉरिडोर परियोजना के केंद्र में रहेगा। 
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Preparing to make this city of UP a center for private defense units
डिफेंस एक्सपो-2018 में पहुंचे मंत्री सतीश महाना - फोटो : अमर उजाला
तकनीकी मदद करेगा डीआरडीओ
अवनीश अवस्थी ने बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान (डीआरडीओ) डिफेंस कॉरिडोर परियोजना में तकनीकी मददगार बनेगा। डीआरडीओ ने सरकार के साथ इस भूमिका के लिए एमओयू साइन किया है। डीआरडीओ के विशेषज्ञ रक्षा उत्पाद बनाने वाली इकाइयों को तकनीक विकसित करने में मदद करेगा। इसके अलावा डीआरडीओ रक्षा इकाइयों को लैब टेस्टिंग की भी सुविधा उपलब्ध करवाएगा। भविष्य में इसकी यूनिटें भी डिफेंस कॉरिडोर परियोजना में स्थापित होंगी। 

400 करोड़ रुपये से खरीदी जाएगी जमीन 
डिफेंस कॉरिडोर के लिए प्रस्तावित जिलों कानपुर, लखनऊ, आगरा, झांसी, चित्रकूट और अलीगढ़ में पहले चरण में 400 करोड़ रुपये की लागत से जमीन खरीदी जाएगी। उद्यमियों को आवंटित करने के बाद जरूरत के हिसाब से लैंड बैंक बनाया जाएगा। ज्यादातर जमीन बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के आसपास होंगी। 

बड़ी इकाइयों को मिलेगी सब्सिडी 
यूपीडा के सीईओ अवनीश अवस्थी ने बताया कि बड़ी औद्योगिक इकाइयों को विभिन्न क्षेत्र में सब्सिडी भी दी जाएगी। बड़ी औद्योगिक इकाइयों को लाना ही चुनौती है। यदि किसी जिले में एक एंकर यूनिट स्थापित होती है तो उसके अधीन कई औद्योगिक इकाइयां अपने आप अस्तित्व में आ जाती हैं। इसलिए पूरा जोर एंकर यूनिट स्थापित कराने पर है। विस्फोटक बनाने वाली इकाइयों को चित्रकूट में जमीन दिए जाने पर विचार किया जा रहा है। 
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