UP: लखनऊ-कानपुर के बीच रैपिड ट्रेन चलाने की तैयारी, उन्नाव में बनेगा 67KM का ट्रैक…छह महीने में तैयार होगी DPR
Unnao News: लखनऊ और कानपुर के बीच 67 किमी लंबा मेट्रो ट्रैक बनेगा, जो नयागंज से अमौसी को जोड़ेगा। उन्नाव में तीन स्टेशन बनेंगे। डीएम ने जमीन सर्वे और डीपीआर तैयार करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
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विस्तार
मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने उन्नाव में रेलवे ट्रैक बनाकर लखनऊ और कानपुर को आपस में जोड़ने की परियोजना पर काम शुरू कर दिया है। कॉर्पोरेशन की ओर से दिए गए प्रस्ताव पर डीएम ने संस्तुति देते हुए विस्तृत कार्ययोजना मांगी है। कॉर्पोरेशन ने आवश्यक भूमि, क्षेत्र आदि के ब्योरे सहित डीपीआर मांगी है। मेट्रो सेवा के विस्तार की महत्वाकांक्षी योजना अगले चरण में कानपुर के नयागंज मेट्रो स्टेशन को लखनऊ के अमौसी हवाई अड्डे के मेट्रो स्टेशन से जोड़ने की तैयारी है। 67 किलोमीटर मेट्रो रेल लाइन बिछाने के लिए कॉर्पोरेशन ने जिला प्रशासन को शुरुआती खाका भेजा है।
डीएम गौरांग राठी ने इस पर सहमति दे दी है। बताया कि कॉर्पोरेशन के अधिकारियों से उनकी परियोजना का पूरा ब्योरा मांगा गया है। इससे इस परियोजना के लिए आवश्यक भूमि की जानकारी हो सकेगी। परियोजना स्वीकृत होने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। इसमें किसानों को उनकी भूमि का नियमानुसार मुआवजा भुगतान और रजिस्ट्री कराने के बाद मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को जमीन कब्जा और इसके बाद परियोजना पर काम शुरू कराया जाएगा।
उन्नाव में बनेंगे तीन मेट्रो स्टेशन
मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन द्वारा जिला प्रशासन को दिए गए ट्रैक रूट चार्ट के मुताबिक कानपुर के नयागंज मेट्रो स्टेशन से लखनऊ के अमौसी तक मेट्रो रेल सेवा का विस्तार किया जाएगा। सोनिक के पास से यह रेलवे ट्रैक उन्नाव-कानपुर रेलवे लाइन के किनारे और बशीरतगंज से लखनऊ की तरफ लखनऊ-कानपुर हाईवे के लगभग समानांतर होगा। इस परियोजना में उन्नाव शहर के अलावा बशीरतगंज (सोनिक के पास) और नवाबगंज कस्बे में भी मेट्रो रेल स्टेशन बनाने का प्रस्ताव शामिल है।
जल्द होगा भूमि का सर्वे: डीएम
डीएम गौरांग राठी ने बताया कि मेट्रो ट्रेन परियोजना का यह विस्तार जिले वासियों के लिए बड़ी सौगात होगी। साथ ही कानपुर और लखनऊ के निवासियों को आवागमन में सुगम परिवहन की सुविधा मिलेगी। प्रयास किया जा रहा है कि जल्द से जल्द भूमि सर्वे, जमीन का अधिग्रहण जैसी जरूरी प्रारंभिक प्रक्रियाओं को पूरा कर लिया जाए। इस विस्तार से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार होगा और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।