फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Preparation: Asalatganj forest will become suitable for black deer to grow.

तैयारी : काला हिरण पले बढ़े इसके मुफीद बनेगा असालतगंज जंगल

Sun, 05 Nov 2023 12:31 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Sun, 05 Nov 2023 12:31 AM IST
विज्ञापन
Preparation: Asalatganj forest will become suitable for black deer to grow.
कानपुर देहात। रसूलाबाद के असालतगंज वन ब्लॉक में काला हिरण (भारतीय मृग) कुनबा रहता है। करीब दो सौ से अधिक हिरण होने का अनुमान है। ईको पर्यटन विकास के साथ हिरण कुनबा आसानी से पल बढ़ सके इसकी तैयारी है। सघन वन, चारा, पानी, सुरक्षा आदि की रूपरेखा बनी है। करीब 1.37 करोड़ रुपये का प्रारंभिक प्रस्ताव बनाया गया है।
विज्ञापन

रसूलाबाद में सिकंदरा-बिल्हौर राज्य मार्ग पर असालतगंज वन ब्लॉक है। करीब छह किमी लंबाई में इस सड़क से लगा 173 हेक्टेअर क्षेत्रफल का जंगल है। इसमें करीब 80 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में विलायती बबूल उगा है। वर्ष 2018 में यहां काले हिरण विचरण करते देखे गए। इसके बाद इस क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी गई। यहां सूचना बोर्ड (साइनेज) लगाए गए। जो क्षतिग्रस्त हो गए है। संरक्षित हिरणों की प्रजाति के मुफीद जंगल बने और यहां इनका कुनबा पले बढ़े इसके लिए वन अफसरों ने जरूरी सुधार और पर्यटन विकास की संभावना पर काम करना शुरू किया है। काला हिरण एक दुर्लभ प्रजाति है और संरक्षित वन्य जीव के अन्तर्गत आता है। जंगल रहने के लिए और अनुकूल बने तो हिरण भटक कर दूसरी जगह नहीं जाएंगे। इससे हिरण कुनबा का विस्तार होगा। हालांकि इसके लिए चारा, पेयजल की उपलब्धता के साथ ही सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं। यहां मूलभूत सुविधाएं होगी तभी पर्यटन विकास होगा। फिलहाल वन अफसरों ने संरचना विकास, सुरक्षा कार्याे व हिरण वास स्थल सुधार के लिए 1.37 करोड़ रुपये का प्रारंभिक प्रस्ताव तैयार किया गया है। वन अफसर काफी उत्साहित हैं। करीब पांच साल के प्रोजेक्ट के तहत ये काम कराने की रूपरेखा बनी है। मुख्य वन संरक्षक की सहमति पर डीपीआर तैयार कर शासन को मंजूरी के लिए भेजी जाएगी।
विज्ञापन


बयान-

असालतगंज वन ब्लॉक में काला हिरण पाए जाने की जानकारी पांच साल पहले हुई। यहां हरियाली बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। संरक्षित क्षेत्र के सूचना बोर्ड जल्द लगवाए जाएंगे। पौधरोपण कर हरियाली क्षेत्र बढ़ाया गया है। सघन जंगल बनाकर हिरणों के और अनुकूल बनाने और ईको पर्यटन विकास के दृष्टिगत रूपरेखा बनाई गई है। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार डीपीआर बनाकर शासन को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

-एके द्विवेदी, डीएफओ कानपुर देहात।



-------

बेर के पौधे लगाकर बनाएंगे सघन वन क्षेत्र

हिरण वास स्थल सुधार के लिए पानी की उपलब्धता के लिए तालाब बनाने, घास का मैदान विकसित करने, रिक्त स्थल पर हरियाली उगाने और चारा उपलब्ध कराने के लिए बेर के पौधे लगाने का प्रस्ताव है। इससे सघन वन बनेगा। यहां हिरण कुनबा रह वक्त सुरक्षित रह सकेगा। रसूलाबाद क्षेत्र में मघई झील और इटैली झील है।
संवाद



-------

एक नजर में संरचना विकास की रूपरेखा

-10 लाख रुपये से दो थीम गेट
-7 लाख रुपये से दो वॉच टावर बनाना

-18 लाख रुपये से एक प्रकृति केंद्र बनाना
-2.5 लाख रुपये से एक वाच मैन हट बनाना



-1 लाख रुपये से शौचालय व पेयजल इंतजाम

-2 लाख रुपये से नेचर ट्रेल
-4 लाख रुपये से सड़क की तरफ सुरक्षा जाली
----------
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed