प्रज्ञा ने टाटा इंस्टिट्यूट में दाखिला पाकर बढ़ाया अपने जिले का मान
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इसके बाद प्रज्ञा ने नौकरी छोड़ कर गरीब बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया। वर्तमान में भी वह दिल्ली की झोपड़पट्टी के बच्चों को पढ़ाती हैं। प्रज्ञा का सपना हमेशा से अपनी संस्था स्थापित कर जरूरतमंद लोगों की सेवा करने का रहा है। इस क्षेत्र में काम कर के उन्होंने महसूस किया कि अपने सपने को साकार करने के लिए एक समुचित पाठ्यक्रम करना सहायक होगा। फिर उन्होंने ठान लिया कि देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थान से ही यह करना है और पहले ही प्रयास में उन्होंने ये सफलता हासिल की।
प्रज्ञा की इस सफलता से परिवार में पिता श्यामनंद सोनभद्र, मां रमा सोनभद्र के साथ साथ रायबरेली के निराला नगर निवासी ससुर डॉ एम पी द्विवेदी और सास विमला द्विवेदी अत्यंत उत्साहित हैं। प्रज्ञा के ज्येष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि परिवार में शिक्षा को हमेशा से महत्व दिया गया है, चाहे वह बेटों की हो, बेटी की या बहू की। सम्पूर्ण जिले और विशेषकर द्विवेदी परिवार के लिए यह दोहरी खुशी का विषय है क्योंकि हाल ही में 27 अप्रैल को निकले आईएएस परीक्षा के रिजल्ट में प्रज्ञा के पति आशुतोष द्विवेदी ने 70वां स्थान लाकर जिले का नाम रोशन किया था और अब प्रज्ञा की उपलब्धि तो जैसे सोने पर सुहागा हो गई है।
प्रोफाइलः-
नाम - प्रज्ञा पूर्णा
पिता- श्यामानंद सोनभद्र (सेवानिवृत्त प्रोफेसर)
पति- आशुतोष द्विवेदी IAS
पैतृक स्थान-भागलपुर