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संक्रमण कम है तो करा सकते वायवा और प्रैक्टिकल
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जिन जिलों में कोरोना संक्रमण तेजी से नहीं फैल रहा है, वहां के डिग्री कॉलेज स्नातक, परास्नातक, एलएलबी समेत विभिन्न पाठ्यक्रमों के बचे वायवा व प्रैक्टिकल करा सकते हैं।
इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का पालन करना होगा। यह फैसला छत्रपति शाहू जी महाराज विवि की परीक्षा समिति की बैठक में हुआ। निर्णय हुआ कि परीक्षा दो चरणों में होगी पर तिथि फाइनल नहीं हुई है।
कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय हुआ कि प्रथम चरण में स्नातक व परास्नातक के अंतिम वर्ष की परीक्षाएं होंगी और दूसरे चरण में अन्य वर्षों की।
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बताया गया कि डिग्री कॉलेज अपने हिसाब से तिथि तय करके छात्रों की प्रायोगिक परीक्षाएं करा सकते हैं। कुलपति ने सेमेस्टर पाठ्यक्रम के लिए 20 जून तक कोर्स पूरा कराने का निर्देश दिए। हालांकि इनकी परीक्षा की भी तिथि तय नहीं हो सकी है।
परीक्षा केंद्रों के फिर से निर्धारण पर भी चर्चा हुई। पीएचडी छात्रों को थीसिस जमा करने के लिए छह माह का अतिरिक्त समय दिया गया है। बैठक में रजिस्ट्रार डॉ. अनिल कुमार यादव, कूटा अध्यक्ष डॉ. बीडी पांडेय, प्रो. संजय स्वर्णकार, डॉ. संदीप कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का पालन करना होगा। यह फैसला छत्रपति शाहू जी महाराज विवि की परीक्षा समिति की बैठक में हुआ। निर्णय हुआ कि परीक्षा दो चरणों में होगी पर तिथि फाइनल नहीं हुई है।
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कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय हुआ कि प्रथम चरण में स्नातक व परास्नातक के अंतिम वर्ष की परीक्षाएं होंगी और दूसरे चरण में अन्य वर्षों की।
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बताया गया कि डिग्री कॉलेज अपने हिसाब से तिथि तय करके छात्रों की प्रायोगिक परीक्षाएं करा सकते हैं। कुलपति ने सेमेस्टर पाठ्यक्रम के लिए 20 जून तक कोर्स पूरा कराने का निर्देश दिए। हालांकि इनकी परीक्षा की भी तिथि तय नहीं हो सकी है।
परीक्षा केंद्रों के फिर से निर्धारण पर भी चर्चा हुई। पीएचडी छात्रों को थीसिस जमा करने के लिए छह माह का अतिरिक्त समय दिया गया है। बैठक में रजिस्ट्रार डॉ. अनिल कुमार यादव, कूटा अध्यक्ष डॉ. बीडी पांडेय, प्रो. संजय स्वर्णकार, डॉ. संदीप कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।