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भाजपा और सपा में घमासानः यहां 26 जून को होगा अविश्वास प्रस्ताव पर शक्ति परीक्षण
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 22 Jun 2018 08:56 PM IST
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यूपी के हमीरपुर जिले में मौदहा ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सपा और भाजपा आमने सामने हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्यों से दोनों पक्ष संपर्क कर रहे हैं। वहीं प्रस्ताव बचाने के लिए सक्रिय हुए महिला ब्लॉक प्रमुख के पति सूरजबली यादव रात दिन एक किए हैं। 26 जून को होने वाले मतदान में अपना बहुमत साबित होने का दावा कर रहे हैं।
ब्लॉक प्रमुख सावित्री देवी यादव को सपा सरकार में निर्विरोध चुना गया था। सपा सरकार गिरते ही सपा जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुखों पर अविश्वास प्रस्ताव लाए जा रहे हैं। विकासखंड के ब्लाक प्रमुख के दो वर्ष पूरे हुए हैं। इनके खिलाफ प्रस्ताव लाने की सुगबुगाहट शुरू हो गई।
भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं को ब्लॉक प्रमुख के विरोधियों सहारा मिला तो उन्होंने 48 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के हस्ताक्षर से शपथ पत्र तैयार कर जिलाधिकारी को अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत कर दिया। शक्ति परीक्षण की तिथि 26 जून की तिथि निर्धारित कर दी गई है। इसी के तीसरे दिन बाद ब्लाक प्रमुख पति सूरजबली यादव ने विरोधी कहे जाने वाले तीन बीडीसी सदस्यों के शपथ पत्र जिलाधिकारी को दिलाए जिसमें कहा गया कि न तो उनकी सहमति थी और न उन्होंने हस्ताक्षर बनाए है।
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सपा नेता ने दावा किया कि जिन 48 क्षेत्र पंचायत सदस्यों का दावा पेश किया गया है उनमें 10 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर हैं। फिलहाल चर्चा है कि ब्लाक प्रमुख के खिलाफ प्रस्ताव लाने वाले भाजपा के कुछ नेताओं ने पहल तो की मगर अब सक्रिय नहीं दिखाई दे रहे हैं। वहीं ब्लॉक प्रमुख के बचाव में पूर्व जिलाध्यक्ष ज्ञानसिंह, डॉ. मनोज प्रजापति व एमएलसी रमेश मिश्रा जैसे नेता चहलकदमी करते देखे जा रहे हैं।
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ब्लॉक प्रमुख सावित्री देवी यादव को सपा सरकार में निर्विरोध चुना गया था। सपा सरकार गिरते ही सपा जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुखों पर अविश्वास प्रस्ताव लाए जा रहे हैं। विकासखंड के ब्लाक प्रमुख के दो वर्ष पूरे हुए हैं। इनके खिलाफ प्रस्ताव लाने की सुगबुगाहट शुरू हो गई।
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भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं को ब्लॉक प्रमुख के विरोधियों सहारा मिला तो उन्होंने 48 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के हस्ताक्षर से शपथ पत्र तैयार कर जिलाधिकारी को अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत कर दिया। शक्ति परीक्षण की तिथि 26 जून की तिथि निर्धारित कर दी गई है। इसी के तीसरे दिन बाद ब्लाक प्रमुख पति सूरजबली यादव ने विरोधी कहे जाने वाले तीन बीडीसी सदस्यों के शपथ पत्र जिलाधिकारी को दिलाए जिसमें कहा गया कि न तो उनकी सहमति थी और न उन्होंने हस्ताक्षर बनाए है।
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सपा नेता ने दावा किया कि जिन 48 क्षेत्र पंचायत सदस्यों का दावा पेश किया गया है उनमें 10 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर हैं। फिलहाल चर्चा है कि ब्लाक प्रमुख के खिलाफ प्रस्ताव लाने वाले भाजपा के कुछ नेताओं ने पहल तो की मगर अब सक्रिय नहीं दिखाई दे रहे हैं। वहीं ब्लॉक प्रमुख के बचाव में पूर्व जिलाध्यक्ष ज्ञानसिंह, डॉ. मनोज प्रजापति व एमएलसी रमेश मिश्रा जैसे नेता चहलकदमी करते देखे जा रहे हैं।