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Kanpur News: आईआईटी में बन रहे अस्पताल में गरीब मरीजों का होगा इलाज
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आईआईटी कानपुर में बन रहे अस्पताल में ईडब्ल्यूएस वार्ड बनने की जानकारी देते प्रोफेसर मणीन्द्र अग
- फोटो : स्रोत : संस्थान
कानपुर। आईआईटी में स्थापित गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी में बन रहे हाईटेक अस्पताल में अब गरीब मरीजों के इलाज की अलग व्यवस्था होगी। अस्पताल में आठ बेड का ईडब्ल्यूएस वार्ड तैयार किया गया है। यह वार्ड आईआईटी के पूर्व कर्मचारी एमसी गुप्ता के बेटे नीरज व मनोज गुप्ता की मदद से तैयार किया गया है। यह दोनों अमेरिकी कंपनी ओपलैसेंट आईटी सॉल्यूशंस इंक के फाउंडर हैं। एमसी गुप्ता संस्थान में 1961 से 1997 के बीच अधीक्षक के तौर पर तैनात थे।
आईआईटी के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने बताया कि संस्थान के लिए यह काफी सुखद अनुभव है। संस्थान के किसी कर्मचारी के बेटों की तरफ से मदद आई है। उन्होंने बताया कि एमसी गुप्ता को 1987 में लंबी और संतोषजनक सेवा पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। उनके बेटे अमेरिका में कंपनी चला रहे हैं, जो छोटे और मध्यम बिजनेस को कानूनी सलाह, डिजिटल मार्केटिंग और वित्तीय सहायता जैसी सेवाएं देते हैं। प्रो. अमेय करकरे ने बताया कि यह नया वार्ड मनोज व नीरज के माता-पिता रुक्मिणी गुप्ता और एमसी गुप्ता की याद में बनाया गया है। इसे ईडब्ल्यूएस बे/वार्ड नाम दिया गया है।
मनोज व नीरज गुप्ता ने बताया कि उनके अभिभावक ने अपना पूरा जीवन इस संस्थान को दिया। संस्थान से भी उनको सम्मान और प्यार मिला है। यह योगदान उनके सम्मान में है। उन्होंने हमें समाज की सेवा और जरूरतमंदों की मदद करना सिखाया है। गंगवाल स्कूल का उद्देश्य मेडिकल रिसर्च, इनोवेशन और मरीजों की देखभाल के लिए एक वर्ल्ड-क्लास सेंटर बनाना है।
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आईआईटी के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने बताया कि संस्थान के लिए यह काफी सुखद अनुभव है। संस्थान के किसी कर्मचारी के बेटों की तरफ से मदद आई है। उन्होंने बताया कि एमसी गुप्ता को 1987 में लंबी और संतोषजनक सेवा पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। उनके बेटे अमेरिका में कंपनी चला रहे हैं, जो छोटे और मध्यम बिजनेस को कानूनी सलाह, डिजिटल मार्केटिंग और वित्तीय सहायता जैसी सेवाएं देते हैं। प्रो. अमेय करकरे ने बताया कि यह नया वार्ड मनोज व नीरज के माता-पिता रुक्मिणी गुप्ता और एमसी गुप्ता की याद में बनाया गया है। इसे ईडब्ल्यूएस बे/वार्ड नाम दिया गया है।
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मनोज व नीरज गुप्ता ने बताया कि उनके अभिभावक ने अपना पूरा जीवन इस संस्थान को दिया। संस्थान से भी उनको सम्मान और प्यार मिला है। यह योगदान उनके सम्मान में है। उन्होंने हमें समाज की सेवा और जरूरतमंदों की मदद करना सिखाया है। गंगवाल स्कूल का उद्देश्य मेडिकल रिसर्च, इनोवेशन और मरीजों की देखभाल के लिए एक वर्ल्ड-क्लास सेंटर बनाना है।
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