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प्रायोगिक ज्ञान में दक्ष होंगे पॉलिटेक्निक के छात्र
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कानपुर। पॉलिटेक्निक के छात्र-छात्राओं को अब प्रायोगिक ज्ञान (प्रैक्टिकल) में दक्ष किया जाएगा। प्रदेश के 147 राजकीय और 19 अनुदानित पॉलिटेक्निकों में नेशनल स्कीम क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) बेस्ड पाठ्यक्रम लागू कर दिया गया है। इस पाठ्यक्रम में थ्योरी की अपेक्षा प्रयोगात्मक ज्ञान पर ज्यादा जोर दिया गया है।
इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च डेवलपमेंट एंड ट्रेनिंग (आईआरडीटी) केनिदेशक मनोज कुमार ने बताया कि शासन के आदेश पर एनएसक्यूएफ बेस्ड पाठ्यक्रम को 18 कोर्सों में लागू कर दिया गया है। इस पाठ्यक्रम में 60 प्रतिशत प्रयोग और 40 प्रतिशत थ्योरी होती है। एनएसक्यूएफ बेस्ड सिलेबस में छात्र के कौशल विकास पर जोर दिया जाता है।
साथ ही साथ छात्रों को उद्योगों में विजिट और ट्रेनिंग कराकर बाजार की मांग के अनुसार तैयार किया जाता है। कोशिश की जा रही है कि प्रशिक्षण ऐसे दिए जाएं जिससे छात्र को कोर्स पूरा करने के बाद आसानी से नौकरी मिल सके। विभिन्न कंपनियां भी प्रायोगिक ज्ञान वाले छात्रों की डिमांड करती हैं।
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इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च डेवलपमेंट एंड ट्रेनिंग (आईआरडीटी) केनिदेशक मनोज कुमार ने बताया कि शासन के आदेश पर एनएसक्यूएफ बेस्ड पाठ्यक्रम को 18 कोर्सों में लागू कर दिया गया है। इस पाठ्यक्रम में 60 प्रतिशत प्रयोग और 40 प्रतिशत थ्योरी होती है। एनएसक्यूएफ बेस्ड सिलेबस में छात्र के कौशल विकास पर जोर दिया जाता है।
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साथ ही साथ छात्रों को उद्योगों में विजिट और ट्रेनिंग कराकर बाजार की मांग के अनुसार तैयार किया जाता है। कोशिश की जा रही है कि प्रशिक्षण ऐसे दिए जाएं जिससे छात्र को कोर्स पूरा करने के बाद आसानी से नौकरी मिल सके। विभिन्न कंपनियां भी प्रायोगिक ज्ञान वाले छात्रों की डिमांड करती हैं।
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