Air Pollution: कम पटाखे चलने प्रदूषण रहा कम, हर दिवाली पर 700 तक पहुंचता था एक्यूआई, इस बार 272 ही रहा
दीपावली के बाद कानपुर में प्रदूषण अपने चरम पर पहुंचता था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। कम पटाखे चलने की वजह से वायू प्रदूषण कम हुआ है। हर दिवाली पर 700 एक्यूआई तक पहुंचता था प्रदूषण, लेकिन इस बार 272 ही रहा है।
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कानपुर में पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहे प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए ऐसा लग रहा था कि दिवाली के दिन शहर में पटाखों के धुएं से प्रदूषण की मात्रा 500 एक्यूआई के पार चली जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कोरोना काल को छोड़कर पिछले दस वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ है, जब शहरवासियों ने समझदारी दिखाते हुए धुएं वाले पटाखे कम चलाए।
पिछले वर्षों में दिवाली के दिन प्रदूषण की मात्रा 700 एक्यूआई तक जा चुकी है। एक दिन पहले शहर का प्रदूषण 286 एक्यूआई तक पहुंच गया था, लेकिन दिवाली की रात एक बजे तक एक्यूआई 272 के आसपास ही रहा। एक दिन बाद बदलाव यह आया कि नेहरू नगर की जगह किदवई नगर और कल्याणपुर क्षेत्र (रिहायशी इलाके) में प्रदूषण की मात्रा 10 एक्यूआई बढ़ी, जबकि नेहरू नगर में 36 एक्यूआई की कमी आई।
प्रदूषण कम होने की वजहें
- सबसे बड़ी वजह यह बताई जा रही है कि पूर्व के वर्षों में छोटी दिवाली से ही पटाखे फूटना शुरू हो जाता था। इस बार दिवाली के दिन वह भी शाम के साथ इसकी शुरुआत हुई। और रात के 10 बजे के बाद इसमें तेजी आई।
- दूसरी वजह यह है कि देर शाम वाहनों की भीड़ और जाम खतम हो गया था। उस नाते वाहनों का धुंआ और सड़कों के गड्ढों की धूल भी उतनी मात्रा में नहीं उड़ी।
- पिछले वर्षों में देखा गया है कि दिवाली के दौरान आसमान में बादलों का डेरा रहता था, जिससे प्रदूषण ऊपर नहीं जा पाता था। प्रदूषण कोहरे के रूप में रहता था। इस बार बादलों के न होने से धूल के कण ऊपरी सतह में चले गए।
- इस बार पटाखों की कीमतें काफी ज्यादा थीं, इस वजह से भी पटाखों का कारोबार लगभग 100 करोड़ का तो बताया जा रहा है, लेकिन उसकी मात्रा महंगे होने से कम रही।
धुएं की परत जमने के बाद बढ़ सकता है प्रदूषण
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार वैसे तो रात के एक बजे तक स्थिति काफी कंट्रोल में रही है लेकिन पटाखों का धुआं जब ऊपर की तरफ जाकर परत के रूप में जमा होगा, उस समय प्रदूषण की मात्रा बढ़ सकती है।
इस बार लोगों में शहर के प्रदूषण को लेकर जागरूकता रही है, जिससे पटाखे कम चले। इसकी वजह से प्रदूषण गंभीर स्तर पर नहीं पहुंचा लेकिन अभी स्थिति बहुत अच्छी नहीं है, इसमें और सुधार की जरूरत है। शहर का प्रदूषण कम करने के लिए अब सड़कों के निर्माण का काम तेजी से कराया जाएगा, साथ ही जाम से निपटने के लिए शासन के निर्देश के अनुसार कार्यों में और तेजी लाई जाएगी। जिससे प्रदूषण की मात्रा को रोका जा सके। -विशाख जी, जिलाधिकारी