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सियासी यादेंः जब कल्याण सिंह बोले- पांच पांडवों की जरूरत है, न कि सौ कौरवों की
Mon, 01 Apr 2019 01:39 PM IST
प्रशांत कुमार
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Mon, 01 Apr 2019 01:39 PM IST
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70 साल के बुजुर्ग ने बयां की यादें
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के हमीरपुर जिले में गांधी इंटर कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रवक्ता प्रकाश सिंह (70) निवासी चुरहा वर्ष 1989 के लोकसभा चुनाव दौरान की घटना को याद कर बताते हैं कि चुनाव प्रचार चरम पर था। तब जनता दल से लोधी बिरादरी के गंगाचरण राजपूत और भाजपा से ब्राह्मण बिरादरी के बजरंग बली ब्रह्मचारी चुनावी मैदान में थे। तब कल्याण सिंह विधानसभा में विपक्ष के नेता थे और माधव प्रसाद त्रिपाठी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष थे। लोधी बाहुल क्षेत्र होने के कारण पार्टी ने कल्याण सिंह को प्रचार के लिए यहां भेजा था।
उस समय भाजपा के पास सिर्फ दो सांसद थे। समर्थक और कार्यकर्ता भी कम थे। पैसा व जनमत के अभाव में प्राथमिक विद्यालय परिसर में मंच आदि की व्यवस्था नहीं हुई, तख्त डाल दिए थे। वहां कल्याण सिंह ने सभा संबोधित कर कहा कि सभा में केवल 15 से 20 लोग ही उपस्थित थे। तब उन्हें भी भाजपाइयों ने खासा प्रयास कर सभा में बुलाया था। बताया कि उस समय सभा में संख्या कम देख कल्याण सिंह ने कहा था कि पार्टी को पांच पांडवों की जरूरत है, न कि सौ कौरवों की।
प्रस्तुति : जेपी लोधी
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उस समय भाजपा के पास सिर्फ दो सांसद थे। समर्थक और कार्यकर्ता भी कम थे। पैसा व जनमत के अभाव में प्राथमिक विद्यालय परिसर में मंच आदि की व्यवस्था नहीं हुई, तख्त डाल दिए थे। वहां कल्याण सिंह ने सभा संबोधित कर कहा कि सभा में केवल 15 से 20 लोग ही उपस्थित थे। तब उन्हें भी भाजपाइयों ने खासा प्रयास कर सभा में बुलाया था। बताया कि उस समय सभा में संख्या कम देख कल्याण सिंह ने कहा था कि पार्टी को पांच पांडवों की जरूरत है, न कि सौ कौरवों की।
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