देशभर के लोगों से 20 करोड़ की ठगी : साइबर ठग गैंग के शातिरों की तलाश में पुलिस टीम महाराष्ट्र व मुंबई रवाना
देशभर के लोगों से 20 करोड़ और सेवानिवृत सैन्य अधिकारी से ठगी के मामले में साइबर ठग गैंग के शातिरों की तलाश में पुलिस टीम महाराष्ट्र व मुंबई के लिए रवाना हुई।
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सेवानिवृत सैन्य अधिकारी से 1.78 करोड़ की ठगी के मामले में जेल गए साइबर ठगों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए कानपुर पुलिस ने पहली बार आई4सी यानी इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर के अधिकारियों से संपर्क साधा है। सेंटर से इन आरोपियों के इस्तेमाल किए गए कई बैंक खातों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही गैंग के कई अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस की एक टीम गुरुवार को महाराष्ट्र और मुंबई भी जांच के लिए रवाना हुई है।
बता दें, सेवानिवृत सैन्य कर्मी विनोद कुमार से शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर 1.78 करोड़ की ठगी हुई थी। इस मामले में कानपुर पुलिस ने साइबर ठग गैंग के सरगना भोपाल निवासी आठवीं फेल रोहित सोनी, उसके साथी अक्षय गुरू, मनीष मंडल और मयंक मीणा को गिरफ्तार कर ठगी का खुलासा किया। हालांकि जांच के दौरान पता चला कि इस गैंग ने 20 राज्यों के 222 लोगों से 22 करोड़ रुपये की ठगी की थी। अब तक की जांच में सामने आया है कि साइबर ठगों के आठ खातों में कुछ महीनों में आठ करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ है। इसके अलावा कई अन्य खाता धारकों के खाते में भी पैसा भेजा गया जिसकी डिटेल मिल गई है। एसीपी क्राइम मोहम्मद मोहसिन खान ने बताया कि पुलिस की एक टीम नागपुर, नासिक, शोलापुर का सावंतवाड़ी इलाका, पुणे और गोवा जाएगी। यहां पर उन खाता धारकों की जानकारी मिली है, जिनके खाते में ठगी का पैसा गया है।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक पहले रोहित ही गैंग का सरगना लग रहा था लेकिन अब पता चला है कि उस जैसे करीब 50 किंगपिन हैं जो असल मास्टरमाइंड के संपर्क में है। सभी उसके पास क्रिप्टोकरेंसी में पैसा पहुंचाने का काम करते हैं और उसके बदले में मोटा कमीशन सभी को मिलता है। मास्टरमाइंड चाइना, दुबई और अर्मेनिया से गैंग को चलाता है। वह महीने में एक बार हिसाब किताब करने के लिए फ्लाइट से भारत आता है।
देश की विभिन्न एजेंसियां साइबर अपराधियों पर लगाम कसने का काम कर रही है। उनके लिए आई4सी एक समन्वय केंद्र की तरह काम करता है। इसका ऑफिस दिल्ली में बना है। आईबी, रॉ, इंटरपोल, सीबीआई, एनआईए जैसी एजेंसियां साइबर अपराध उससे जुड़े खाते, मोबाइल नंबरों आदि के बारे में डेटा जुटाने में मदद लेती और देती है।
इस गैंग की जड़े पूरे देश में फैली हैं। महाराष्ट्र और गोवा के इलाकों में आरोपियों की लोकेशन मिल रही है। इन पर काम किया जा रहा है। पुलिस टीमें जल्द ही इन प्रदेशों में आरोपियों की तलाश में जाएंगी। - मोहम्मद मोहसिन खान, एसीपी क्राइम