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आस: एक मकान के लिए पिता जैसी अनमोल संपत्ति को ठुकराया, पुलिस ने बुजुर्ग को दिया दिल खुश करने वाला तोहफा
Mon, 21 Jun 2021 02:37 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 21 Jun 2021 02:37 PM IST
सार
कमिश्नर ने कार से उतरकर उनकी फरियाद सुनी और एसीपी अकमल खान व चकेरी इंस्पेक्टर अमित तोमर को उनके बेटे के घर जाने को कहा।
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बुजुर्ग की फरियाद सुनते पुलिस कमिश्नर असीम अरुण
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिस बेटे को जरा सी छींक आने पर पिता छटपटा उठता था, जिस पिता की उंगली पकड़कर बेटे ने चलना सीखा, अब उसी बेटे ने बुजुर्ग पिता से अपना हाथ छुड़ा लिया। पूरे जीवन की कमाई हंसते-हंसते न्योछावर करने वाले बुजुर्ग के साथ बेटे ने कुछ प्रापर्टी की खातिर अमानवीय व्यवहार किया।
प्रताड़ित किया, मारपीट की। तीन साल से न्याय के लिए भटक रहे पिता को फादर्स-डे पर न्याय की उम्मीद जगी है। कमिश्नर असीम अरुण के दखल के बाद पुलिस ने बेटे और बहू को तीन दिन में मकान खाली करने का अल्टीमेटम दिया है।
परदेवनपुर लालबंगला निवासी 81 साल के रामबाबू का आरोप है कि उनके छोटे बेटे अजय गुप्ता ने सफीपुर सेकेंड की प्रापर्टी को कब्जाने के इरादे से उन्हें प्रताड़ित किया। इसके चलते वे परदेवनपुर में आकर अपने दूसरे घर में रहने लगे लेकिन बेटे की प्रताड़ना कम नहीं हुई। वह मंझले बेटे का भी हिस्सा कब्जाना चाहता है।
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इस पर 2018 में वे एसडीएम की कोर्ट से बेटे को प्रापर्टी से बेदखल करने का आदेश ले आए लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने उन्हें कब्जा नहीं दिलाया। तीन साल से वे भटक रहे। इधर, जब पुलिस कमिश्नर असीम अरुण रविवार को लालबंगला चौकी में पौधरोपण कार्यक्रम में पहुंचे तो वे भी अपनी फरियाद लेकर उनके पास पहुंचे।
कमिश्नर ने कार से उतरकर उनकी फरियाद सुनी और एसीपी अकमल खान व चकेरी इंस्पेक्टर अमित तोमर को उनके बेटे के घर जाने को कहा। घर पहुंचे पुलिस अधिकारियों को छोटा बेटा बेदखली के खिलाफ कोई कागजात नहीं दिखा सका।
बुजुर्ग के आरोप सही पाए जाने पर छोटे बेटे और बहू को तीन दिन में मकान का कब्जा छोड़ने का अल्टीमेटम दिया है। ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। रामबाबू ने अपने बड़े बेटे पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। वह व्यापार मंडल का पदाधिकारी है। पुलिस ने बुजुर्ग को दिल खुश करने वाला तोहफा दिया। पुलिस ने बुजुर्ग से कहा कि आपके बेटे ने आपका साथ छोड़ दिया लेकिन पुलिस बेटा बनकर आपका साथ देगी।
सबसे दुलारा रहा छोटा बेटा, शादी के बाद बदल गए हालात
बुजुर्ग रामबाबू ने बताया कि छोटा बेटा अजय सबसे दुलारा रहा। उसकी हर इच्छा को तवज्जो दिया। जनवरी 2017 में अजय की शादी के बाद हालात बदल गए। वह प्रापर्टी को अपने नाम करने का दबाव बनाने लगा। उसे खुश रखने के लिए लाखों रुपये भी दिए। फिर भी उसने और बहू ने उसके साथ अच्छा नहीं किया। बुजुर्ग ने बताया इसी बीच उनकी पत्नी की भी गिरकर मौत हो गई।
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प्रताड़ित किया, मारपीट की। तीन साल से न्याय के लिए भटक रहे पिता को फादर्स-डे पर न्याय की उम्मीद जगी है। कमिश्नर असीम अरुण के दखल के बाद पुलिस ने बेटे और बहू को तीन दिन में मकान खाली करने का अल्टीमेटम दिया है।
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परदेवनपुर लालबंगला निवासी 81 साल के रामबाबू का आरोप है कि उनके छोटे बेटे अजय गुप्ता ने सफीपुर सेकेंड की प्रापर्टी को कब्जाने के इरादे से उन्हें प्रताड़ित किया। इसके चलते वे परदेवनपुर में आकर अपने दूसरे घर में रहने लगे लेकिन बेटे की प्रताड़ना कम नहीं हुई। वह मंझले बेटे का भी हिस्सा कब्जाना चाहता है।
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इस पर 2018 में वे एसडीएम की कोर्ट से बेटे को प्रापर्टी से बेदखल करने का आदेश ले आए लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने उन्हें कब्जा नहीं दिलाया। तीन साल से वे भटक रहे। इधर, जब पुलिस कमिश्नर असीम अरुण रविवार को लालबंगला चौकी में पौधरोपण कार्यक्रम में पहुंचे तो वे भी अपनी फरियाद लेकर उनके पास पहुंचे।
कमिश्नर ने कार से उतरकर उनकी फरियाद सुनी और एसीपी अकमल खान व चकेरी इंस्पेक्टर अमित तोमर को उनके बेटे के घर जाने को कहा। घर पहुंचे पुलिस अधिकारियों को छोटा बेटा बेदखली के खिलाफ कोई कागजात नहीं दिखा सका।
बुजुर्ग के आरोप सही पाए जाने पर छोटे बेटे और बहू को तीन दिन में मकान का कब्जा छोड़ने का अल्टीमेटम दिया है। ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। रामबाबू ने अपने बड़े बेटे पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। वह व्यापार मंडल का पदाधिकारी है। पुलिस ने बुजुर्ग को दिल खुश करने वाला तोहफा दिया। पुलिस ने बुजुर्ग से कहा कि आपके बेटे ने आपका साथ छोड़ दिया लेकिन पुलिस बेटा बनकर आपका साथ देगी।
सबसे दुलारा रहा छोटा बेटा, शादी के बाद बदल गए हालात
बुजुर्ग रामबाबू ने बताया कि छोटा बेटा अजय सबसे दुलारा रहा। उसकी हर इच्छा को तवज्जो दिया। जनवरी 2017 में अजय की शादी के बाद हालात बदल गए। वह प्रापर्टी को अपने नाम करने का दबाव बनाने लगा। उसे खुश रखने के लिए लाखों रुपये भी दिए। फिर भी उसने और बहू ने उसके साथ अच्छा नहीं किया। बुजुर्ग ने बताया इसी बीच उनकी पत्नी की भी गिरकर मौत हो गई।