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कानपुर में भी जल्द लागू होगी पुलिस कमिश्नरी, ये होंगे बदलाव, जनता को मिलेगा लाभ
Tue, 14 Jan 2020 04:13 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 14 Jan 2020 04:13 PM IST
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मोहित अग्रवाल, आईजी कानपुर
- फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ और नोएडा में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद अब कानपुर की बारी है। भविष्य में जिन जिलों में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होनी है, उनमें वाराणसी व गाजियाबाद के साथ कानपुर का नाम भी शामिल है। यह प्रणाली जल्द ही लागू हो जाएगी।
जनसंख्या और थानों की संख्या लगभग एक होने की वजह से शहर में लखनऊ की तर्ज पर ही पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू की जाएगी। लखनऊ में कुल 45 पुलिस थाने हैं। इनमें से 40 थाने जो शहर में हैं, उनमें पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू की गई है।
यहां पर एक पुलिस कमिश्नर, ज्वाइंट कमिश्नर, दस डिप्टी कमिश्नर और लगभग तीस एडिशनल कमिश्नरों की तैनाती की जाएगी। शहर में भी 45 थाने हैं। इनमें 40 थाने शहरी क्षेत्र के हैं। पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि यहां पर भी लखनऊ जैसी व्यवस्था लागू होगी।
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जनसंख्या और थानों की संख्या लगभग एक होने की वजह से शहर में लखनऊ की तर्ज पर ही पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू की जाएगी। लखनऊ में कुल 45 पुलिस थाने हैं। इनमें से 40 थाने जो शहर में हैं, उनमें पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू की गई है।
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यहां पर एक पुलिस कमिश्नर, ज्वाइंट कमिश्नर, दस डिप्टी कमिश्नर और लगभग तीस एडिशनल कमिश्नरों की तैनाती की जाएगी। शहर में भी 45 थाने हैं। इनमें 40 थाने शहरी क्षेत्र के हैं। पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि यहां पर भी लखनऊ जैसी व्यवस्था लागू होगी।
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ये होंगे बदलाव, जनता को मिलेगा लाभ
अभी तक सर्किल में तीन थानों की जिम्मेदारी एक सीओ दी जाती है। पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने से यह जिम्मेदारी इन पदों पर उपायुक्त(डीसीपी) को दी जाएगी। वे पुलिस अधीक्षक रैंक के होंगे। वहीं, जो जिम्मेदारी सीओ को मिली हुई है, वो एडिशन कमिश्नर को दी जाएगी। ये अपर पुलिस अधीक्षक रैंक के होंगे। इससे जनता की सुनवाई बेहतर होगी।
थानेदारों पर लगेगा अंकुश, बढ़ेगी निगरानी
कमिश्नर प्रणाली लागू होने से थानेदारों की मनमर्जी पर अंकुश लगना तय है क्योंकि उनकी निगरानी बढ़ जाएगी। तीन-तीन थानों की पुलिस अधीक्षक व अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी मॉनीटरिंग करेंगे।
अभी तक सर्किल में तीन थानों की जिम्मेदारी एक सीओ दी जाती है। पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने से यह जिम्मेदारी इन पदों पर उपायुक्त(डीसीपी) को दी जाएगी। वे पुलिस अधीक्षक रैंक के होंगे। वहीं, जो जिम्मेदारी सीओ को मिली हुई है, वो एडिशन कमिश्नर को दी जाएगी। ये अपर पुलिस अधीक्षक रैंक के होंगे। इससे जनता की सुनवाई बेहतर होगी।
थानेदारों पर लगेगा अंकुश, बढ़ेगी निगरानी
कमिश्नर प्रणाली लागू होने से थानेदारों की मनमर्जी पर अंकुश लगना तय है क्योंकि उनकी निगरानी बढ़ जाएगी। तीन-तीन थानों की पुलिस अधीक्षक व अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी मॉनीटरिंग करेंगे।
इसलिए कानपुर में लागू होगी यह प्रणाली
प्रस्ताव के मुताबिक जिन शहरों की आबादी दस लाख से अधिक है, वहां पर पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होनी चाहिए। कानपुर की आबादी केवल शहर में तकरीबन 50 लाख है इसलिए यहां पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होना तय है।
प्रस्ताव के मुताबिक जिन शहरों की आबादी दस लाख से अधिक है, वहां पर पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होनी चाहिए। कानपुर की आबादी केवल शहर में तकरीबन 50 लाख है इसलिए यहां पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होना तय है।
पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने से अपराध नियंत्रण करने में मदद मिलेगी। इसका सीधा लाभ जनता को मिलेगा। पुलिसिंग बेहतर होगी। - मोहित अग्रवाल, आईजी कानपुर