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Kanpur Violence: 16 उपद्रवी पुलिस की गिरफ्त से दूर, ठप पड़ी जांच और कार्रवाई, अभी भी है इनकी तलाश

Wed, 23 Nov 2022 10:21 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 23 Nov 2022 10:21 AM IST
सार

कानपुर में तीन जून को नई सड़क हिंसा मामले में पुलिस की कार्रवाई ठप पड़ गई है। मामले में 56 आरोपी जेल भेजे गए थे। वहीं, 16 और आरोपियों के खिलाफ एनबीडब्लू जारी है।

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Police action stalled in Kanpur violence case, 16 miscreants still out of reach
kanpur violence - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर नई सड़क हिंसा के 16 आरोपी अभी भी पकड़ से दूर हैं। इन सभी के खिलाफ एनबीडब्ल्यू(गैर जमानती वारंट) जारी है। शुरुआती कार्रवाई के बाद पुलिस की कार्रवाई सुस्त पड़ गई है। हालांकि अब डी-2 गैंग के सरगना अफजाल के सरेंडर करने के बाद एक बार फिर अधिकारी सक्रिय हुए हैं।

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पूर्व में गठित एसआईटी को निर्देशित किया है कि फरार आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी करें। नई सड़क पर तीन जून को जुमे की नमाज के बाद भारी बवाल हुआ था। भीड़ ने चंद्रेश्वर हाता पर हमला कर दिया था। आठ लोग हमले में जख्मी हुए थे।
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पुलिस ने बेकनगंज थाने में तीन केस दर्ज किए थे। मुख्य साजिशकर्ता हयात जफर हाशमी, बिल्डर आजी वसी, बाबा बिरयानी के मालिक मुख्तार बाबा समेत 56 आरोपियों को पुलिस ने जेल भेजा था। तीन पर एनएसए और पांच पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई हो चुकी है।

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मामले में डी-2 गैंग का सरगना अफजाल भी आरोपी था। बीते दिनों वह कोर्ट में सरेंडर कर जेल चला गया। पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने बताया कि केस के जो भी आरोपी फरार हैं, उनकी धरपकड़ के लिए निर्देश दिए गए हैं। कुर्की की भी कार्रवाई उनके खिलाफ की जाएगी।

अभी भी है इनकी तलाश
शहरयान, मो. आजाद, शेरा, सफी, परवेज उर्फ चिकना, इसरत अली, जीशान एवेंजर, अब्दुल सकील, मो. राशिद, अलीशान, इखलाख अहमद, सैय्यद अब्दुल, सरवर आलम, हमजा, महमूद, सबलू उर्फ एजाजुद्दीन।

सरेंडर मामले में जांच के आदेश
अफजाल पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर कर जेल चला गया। इस मामले की जांच पुलिस कमिश्नर ने एडीसीपी सेंट्रल को सौंपी है। जिससे यह पता चल सकेगा कि क्या अफजाल ने सरेंडर अर्जी दी थी, जिसके बाद पुलिस आख्या मांगी गई।

अगर ऐसा पाया जाता है तो एक तथ्य स्पष्ट हो जाएगा कि पुलिस को यह पता था कि अफजाल सरेंडर करने की फिराक  में था। ऐसे में उसकी गिरफ्तारी न करना बड़ी नाकामी है। जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। अगर आख्या नहीं मांगी गई होगी तो पुलिस के बचने की संभावना रहेगी।

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