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प्लाज्मा थेरेपी बचा सकती है 80 फीसदी मरीजों को, कोरोना निगेटिव होने के 14 दिन बाद दे सकते प्लाज्मा
Thu, 22 Apr 2021 08:18 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 22 Apr 2021 08:18 PM IST
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प्लाज्मा थेरेपी
- फोटो : सोशल मीडिया
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कानपुर में जो कोरोना से जंग जीत चुके हैं, वे दूसरों की जान बचाने की मुहिम में आगे आएं, प्लाज्मा दान करके वे अपनी महती भूमिका अदा कर सकते हैं। अभी भी 80 फीसदी कोरोना संक्रमित ऐसे हैं जिन्हें इलाज के साथ प्लाज्मा थेरेपी दी जाए तो उन्हें फायदा मिल सकता है।
जीएसवीएम मेडिकल कालेज के ब्लड ट्रांसफ्युजन विभाग की नोडल अधिकारी डॉ. लुबना खान ने बताया कि जिन्हें कोरोना संक्रमण से निगेटिव हुए 14 दिन हो गए हैं, वे प्लाज्मा दान कर सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी जो संक्रमित मिल रहे हैं, उनमें ज्यादातर सेकेंड लेवल के कोरोना रोगी हैं।
इनकी संख्या लगभग 80 फीसदी है। यही वो वक्त होता है जब संक्रमित के फेफड़ों में निमोनिया की शुरुआत होने लगती है। हल्के धब्बे एक्सरे रिपोर्ट में आने लगते हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की शोध रिपोर्ट है कि अगर इस वक्त दवाओं के साथ रोगी को प्लाज्मा थेरेपी दी जाए तो उसकी रिकवरी जल्दी हो जाती है।
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जीएसवीएम मेडिकल कालेज के ब्लड ट्रांसफ्युजन विभाग की नोडल अधिकारी डॉ. लुबना खान ने बताया कि जिन्हें कोरोना संक्रमण से निगेटिव हुए 14 दिन हो गए हैं, वे प्लाज्मा दान कर सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी जो संक्रमित मिल रहे हैं, उनमें ज्यादातर सेकेंड लेवल के कोरोना रोगी हैं।
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इनकी संख्या लगभग 80 फीसदी है। यही वो वक्त होता है जब संक्रमित के फेफड़ों में निमोनिया की शुरुआत होने लगती है। हल्के धब्बे एक्सरे रिपोर्ट में आने लगते हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की शोध रिपोर्ट है कि अगर इस वक्त दवाओं के साथ रोगी को प्लाज्मा थेरेपी दी जाए तो उसकी रिकवरी जल्दी हो जाती है।
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इसके साथ ही जीएसवीएम मेडिकल कालेज के विशेषज्ञों की रिपोर्ट में पाया गया कि बीते साल जिन गंभीर रोगियों को प्लाज्मा थेरेपी दी गई उन्हें तो नहीं बचाया जा सका। लेकिन जिन्हें निमोनिया की शुरुआत में प्लाज्मा चढ़ाया गया, उनकी हालत गंभीर नहीं हुई और बच गए। शासन ने भी प्लाज्मा थेरेपी को प्रोत्साहित करने और इसके इस्तेमाल के निर्देश दिए थे। इसी से कोरोना विजेता से अपील की जा रही है कि वे जिंदगी बचाने की इस मुहिम में फिर आगे आएं।
वैक्सीन लगवाने वाले कोरोना विजेता भी कर सकते दान
नाको (नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन) ने अपनी गाइड लाइन में बदलाव किया है। पहले यह था कि कोरोना विजेता वैक्सीन लगवाने के बाद प्लाज्मा दान नहीं कर सकते। लेकिन अब इसे बदल दिया गया है। डॉ. लुबना खान ने बताया कि नई गाइड लाइन में वैक्सीन लगवाने के बाद कोरोना विजेता प्लाज्मा दान कर सकते हैं।
प्लाज्मा दान के लिए इस नंबर पर फोन करें
-8127645388
वैक्सीन लगवाने वाले कोरोना विजेता भी कर सकते दान
नाको (नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन) ने अपनी गाइड लाइन में बदलाव किया है। पहले यह था कि कोरोना विजेता वैक्सीन लगवाने के बाद प्लाज्मा दान नहीं कर सकते। लेकिन अब इसे बदल दिया गया है। डॉ. लुबना खान ने बताया कि नई गाइड लाइन में वैक्सीन लगवाने के बाद कोरोना विजेता प्लाज्मा दान कर सकते हैं।
प्लाज्मा दान के लिए इस नंबर पर फोन करें
-8127645388