इत्र कारोबारी मामला: पीयूष जैन आठ माह बाद जेल से रिहा, घरों से मिली थी 197 करोड़ की नकदी और सोने की सिल्ली
इत्र कारोबारी पीयूष जैन 8 माह बाद जेल से रिहा हो गया। जमानत के बाद स्पेशल सीजेएम कोर्ट ने उसको 10-10 लाख की दो जमानतें दाखिल करने के निर्देश दिए थे। उसकी ओर से पत्नी व बेटे ने 10-10 लाख की एफडी दाखिल की थी।
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इत्र कारोबारी पीयूष जैन आठ माह जेल में काटने के बाद आखिर गुरुवार दोपहर जेल से बाहर आ गया। विशेष मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट की अदालत से बुधवार को ही पीयूष की रिहाई के लिए परवाना जारी हो गया था लेकिन परवाने में तकनीकी खामी के कारण पीयूष की रिहाई नहीं हो सकी थी।
गुरुवार को कोर्ट खुलते ही परवाने की खामी दूर कराकर दोबारा जेल भिजवाया गया जिसके बाद दोपहर लगभग एक बजे पीयूष जेल से बाहर निकल आया। डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस (डीजीजीआई) अहमदाबाद की टीम ने पीयूष के कन्नौज और कानपुर स्थित घरों में छापेमारी के बाद 24 दिसंबर को पीयूष को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसके पास से 196.57 करोड़ रुपये नगद और 23 किलो सोना भी बरामद हुआ था। सोना बरामदगी के मामले में डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआई) लखनऊ ने जांच की थी।
इसके बाद डीजीजीआई ने जीएसटी चोरी और डीआरआई ने सोना तस्करी मामले में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए थे। दोनों में चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल हो चुकी है। डीआरआई के मुकदमे में पहले ही हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी लेकिन डीजीजीआई के मुकदमे में जमानत न मिलने के कारण पीयूष की जेल से रिहाई नहीं हो सकी थी। दोनों मामलों में हाईकोर्ट से जमानत मिलने और निचली अदालत में जमानतें दाखिल हो जाने के बाद बुधवार को पीयूष का रिहाई परवाना कोर्ट से जारी हो गया था लेकिन रिहाई परवाने में थाना काकादेव लिख गया था जबकि पीयूष की गिरफ्तारी डीजीजीआई अहमदाबाद की ओर से दिखाई गई थी। इसी तकनीकी खामी के चलते बुधवार को पीयूष की रिहाई नहीं हो सकी थी।