इत्र कारोबारी मामला: टैक्स देने को तैयार है पीयूष जैन, पर आय का जरिया पूछो तो देता है वही रटा-रटाया जवाब
आयकर विभाग के अफसर पीयूष जैन की तीनों फर्मों की ऑडिट रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। उसके परिजन भी पीयूष की तरह ही रटा-रटाया बयान दे रहे हैं, जो शक पैदा कर रहा है।
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जेल में बंद कंपाउंड और इत्र कारोबारी अपनी कमाई पर बन रहे टैक्स का भुगतान करने को तैयार है। आयकर अफसरों की पूछताछ में भी उसने अपना पहले से रटा रटाया बयान दर्ज कराया है कि सारा रुपया और सोना उसकी खुद की कमाई है। हालांकि रुपया कैसे और कितने सालों में कमाया, किस-किस को कंपाउंड या इत्र बनाकर बेचा है, इसकी जानकारी नहीं दे रहा है। उसने जो डीजीजीआई को बयान दिया था, उसी पर कायम है।
ये सवाल पूछे
पीयूष जैन से कुछ समय पहले विभाग के अफसरों ने जेल में घंटों पूछताछ की थी। अफसरों ने पूछा था कि नोटबंदी 2016 में की गई थी। उसके पास मिला धन उसके बाद का है? नोटबंदी में कितना धन बदलवाया था? कितने साल से कारोबार कर रहा है? कहां-कहां माल की सप्लाई है? किसको-किसको माल बेचते हो? इतना रुपया कैश में ही क्यों लिया? जब फर्म चल रही है तो लेन-देन बैंक के जरिये कम क्यों किया? अरबों रुपये घर में क्यों रखे थे? उसकी फर्मों का टर्न ओवर सालाना सात करोड़ है। जब पासपोर्ट नहीं है, तो विदेशी सोना घर में कैसे मिला, किससे खरीदा? आयकर के रिटर्न केवल 15-18 लाख के बीच के हैं।
सूत्रों ने बताया कि पीयूष की पत्नी कल्पना जैन, पिता महेश चंद्र जैन, भाई अंबरीष जैन और उसकी पत्नी विजय लक्ष्मी से भी पूछताछ करने के बाद बयान दर्ज किए गए। इन सबके बयान एक जैसे हैं, जो शक बढ़ा रहे हैं। हालांकि टैक्स चुकाने की बात उसने अपने बयान में कही है। जिस पर 107 फीसदी टैक्स, पेनल्टी का मामला बन रहा है। हालांकि, अभी इसकी फर्मों ओडोचैम व अन्य की ऑडिट रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।