ककवन (बिल्हौर)। वन विभाग द्वारा शिकारियों पर शिकंजा न कसे जाने से क्षेत्र के गढ़ेवा गांव में लगातार तीसरे दिन जहरीले दाने खाने से राष्ट्रीय पक्षी मोर और तीतरों की मौत होने का सिलसिला जारी है।
मंगलवार को गढ़ेवा गांव में निचली गंगा नहर के समीप खेतों में दो राष्ट्रीय पक्षी और एक तीतर मृत मिलने पर ग्रामीणों ने मामले की सूचना वन विभाग को दी। जिसके पास मौके पर पहुंचे वन विभाग कर्मियों ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। गढ़ेवा गांव निवासी रमेश अवस्थी, कौशल तिवारी, राममनोहर, पिंकू गुप्ता, पवन अवस्थी, हरीशंकर, सोमद्दत तिवारी आदि ने बताया कि रविवार, सोमवार की तरह मंगलवार को भी उनके खेतों में दो मोर और एक तीतर मृत मिला। जिसकी जानकारी तत्काल वन विभाग दारोगा ताहिर खान को दी गई। मौके पर पहुंचे वन कर्मियों ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। ग्रामीणों ने बताया कि रविवार को तीन, सोमवार को छह और मंगलवार को दो मोरों के साथ ही अभी तक एक तीतर की मौत हो चुकी है, जबकि कई मोरों के क्षत-विक्षत कंकाल अभी भी पड़े हैं। बताया कि शिकारियों के द्वारा निचली गंग नहर के समीप स्थित घने बागों में मक्के के दाने में जहरीला पदार्थ मिलाकर डाला गया है जिसको खाकर अपनी जान गवा रहे हैं। मोर की खाल, पंख, हड्डी आदि महंगे दामों में बिक्री होती है, ऐसे में शिवराजपुर, जरैलापुरवा, नदीहा, कमालपुर की ओर से आने वाले कई शिकारी बेजुबानों को मौत के घाट उतार रहे हैं। ग्रामीणों ने ऐसे शिकारियों पर शिकंजा कसने की मांग की है।