सूफी इस्लामिक बोर्ड के राष्ट्रीय प्रवक्ता को पीएफआई ने दी सिर कलम करने की धमकी, उर्दू में आया पत्र
पुलिस ने पत्र कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मो. कौसर हसन मजीदी ने पुलिस को बताया कि वे उग्र इस्लामिक संगठन के रूप जाने जाने वाले पीएफआई को देश में बैन कराने की मांग नवंबर 2020 से करते चले आ रहे हैं। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में शहर में हुए बवाल में भी इस संगठन का हाथ सामने आया था।
इसे बैन करने को लेकर सूफी इस्लामिक बोर्ड की ओर से लगातार प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं। हाल में उन्होंने पीएफआई के समर्थन में उतरे राजस्थान अजमेर शरीफ दरगाह के खादिम पर जूही थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। इसी के चलते उन्हें धमकी दी गई है। सोमवार शाम को पोस्टमैन ने उन्हें एक पत्र सौंपा।
पत्र कमाल खान पीएफआई ऑफिस नाम से भेजा गया है। पत्र में उन्हें गद्दार बताते हुए भाजपा और संघ जैसे काम करने, विरोध प्रदर्शन करने और अजमेर शरीफ दरगाह के खादिम पर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए माफी मांगने की बात कही है। ऐसा न करने पर सिर कलम कर जनाजे के लिए तरस जाने की बात लिखी है।
पत्र मिला है, जिस पर पीएफआई लिखा हुआ है। उर्दू भाषा को हिंदी में परिवर्तित कराकर जांच की जा रही है। पीड़ित की तरफ से तहरीर मिलने पर कार्रवाई होगी।
दीपक भूकर, एसपी साउथ