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Kanpur News: मौसमी बीमारी से परेशान हो रहे लोग, मेले में बुखार के 158 मरीज पहुंचे
Mon, 12 Oct 2026 12:38 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Mon, 12 Oct 2026 12:38 AM IST
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कानपुर देहात। जनपद के एक नगरीय व 29 ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। बदलते मौसम में लोग बुखार से पीड़ित हो रहे हैं और अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं। मेले इलाज के लिए पहुंचने वाले 1741 मरीजों में 158 बुखार से पीड़ित रहे। सभी की जांच कर जरूरी दवाएं वितरित की गईं।
मौसमी बीमारी से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को चिकित्सक बचाव के लिए जरूरी सलाह दे रहे हैं। सीएमओ डॉ. जय गोविंद ने बताया कि मेले में आने वाले मरीजों में 874 पुरुष, 662 महिलाएं एवं 205 बच्चे शामिल हुए। कोविड हेल्प डेस्क पर 684 मरीजों की प्राथमिक जांच की गई, हालांकि इनमें से कोई भी संदिग्ध मरीज नहीं मिला। इस दौरान 22 पात्र लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड भी बनाए गए। मेले में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक रही। बुखार से पीड़ित मरीजों में 70 मरीजों की मलेरिया व 9 मरीजों की डेंगू होने की आशंका के चलते जांच की गई, हालांकि सभी की रिपोर्ट बीमारी से ग्रसित होना नहीं पाया गया।
इसके अलावा सर्दी जुकाम के 102 मरीज, 162 मरीज पेट व 201 त्वचा रोग से ग्रसित मरीज रहे। जबकि एनीमिया के 54, मधुमेह के 79 और उच्च रक्तचाप (बीपी) के 62 मरीजों की पहचान कर इलाज शुरू किया गया। वहीं 37 मरीजों का नेत्र परीक्षण किया गया। मेले में आने वाली 39 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिसमें कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं पाया गया और एक संभावित क्षय रोग मरीज को चिह्नित किया गया और 10 को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहीं रूरा के मंडौली और बनीपारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में वायरल बुखार के मरीजों की भारी भीड़ रही। दोनों केंद्रों पर चिकित्सकों ने करीब 150 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवाएं दी गईं।
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मंडौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दौलतपुर, पीतमपुरवा, बलेथा, अहिरानी और असेनी समेत करीब दस गांवों के लगभग सौ मरीज पहुंचे। केंद्र प्रभारी डॉ. अमृत लाल ने बताया कि अधिकांश मरीज वायरल बुखार, बदन दर्द, जुकाम और खांसी से पीड़ित रहे। वहीं, बनीपारा पीएचसी में करीब 50 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। प्रभारी डॉ. लक्ष्मीकांत ने बताया कि सभी का परीक्षण कर दवाइयां वितरित की गईं। चिकित्सकों ने बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है। जबकि राजपुर व रसधान के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मेले में वायरल बुखार, दाद, खुजली और अन्य मौसमी बीमारियों से पीड़ित 85 मरीज पहुंचे। चिकित्सकों ने सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कर निशुल्क दवाएं वितरित कीं और गंभीर रोगियों को हायर सेंटर रेफर किया।
चिकित्सकों ने बताया कि दिन की तेज धूप और रात की ठंडक के बीच बदलते मौसम का मिजाज सेहत पर असर डाल रहा है। इसका सबसे अधिक प्रभाव बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। इस समय लोगों को पर्याप्त पानी पीने, ताजा भोजन करने, तेज धूप से बचने और बच्चों व बुजुर्गों की सेहत को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। इसके अलावा अमरौधा पीएचसी में 55 मरीज इलाज के लिए पहुंचे, जिनकी जांच कर दवाएं दी गई।
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मौसमी बीमारी से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को चिकित्सक बचाव के लिए जरूरी सलाह दे रहे हैं। सीएमओ डॉ. जय गोविंद ने बताया कि मेले में आने वाले मरीजों में 874 पुरुष, 662 महिलाएं एवं 205 बच्चे शामिल हुए। कोविड हेल्प डेस्क पर 684 मरीजों की प्राथमिक जांच की गई, हालांकि इनमें से कोई भी संदिग्ध मरीज नहीं मिला। इस दौरान 22 पात्र लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड भी बनाए गए। मेले में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक रही। बुखार से पीड़ित मरीजों में 70 मरीजों की मलेरिया व 9 मरीजों की डेंगू होने की आशंका के चलते जांच की गई, हालांकि सभी की रिपोर्ट बीमारी से ग्रसित होना नहीं पाया गया।
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इसके अलावा सर्दी जुकाम के 102 मरीज, 162 मरीज पेट व 201 त्वचा रोग से ग्रसित मरीज रहे। जबकि एनीमिया के 54, मधुमेह के 79 और उच्च रक्तचाप (बीपी) के 62 मरीजों की पहचान कर इलाज शुरू किया गया। वहीं 37 मरीजों का नेत्र परीक्षण किया गया। मेले में आने वाली 39 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिसमें कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं पाया गया और एक संभावित क्षय रोग मरीज को चिह्नित किया गया और 10 को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहीं रूरा के मंडौली और बनीपारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में वायरल बुखार के मरीजों की भारी भीड़ रही। दोनों केंद्रों पर चिकित्सकों ने करीब 150 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवाएं दी गईं।
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मंडौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दौलतपुर, पीतमपुरवा, बलेथा, अहिरानी और असेनी समेत करीब दस गांवों के लगभग सौ मरीज पहुंचे। केंद्र प्रभारी डॉ. अमृत लाल ने बताया कि अधिकांश मरीज वायरल बुखार, बदन दर्द, जुकाम और खांसी से पीड़ित रहे। वहीं, बनीपारा पीएचसी में करीब 50 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। प्रभारी डॉ. लक्ष्मीकांत ने बताया कि सभी का परीक्षण कर दवाइयां वितरित की गईं। चिकित्सकों ने बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है। जबकि राजपुर व रसधान के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मेले में वायरल बुखार, दाद, खुजली और अन्य मौसमी बीमारियों से पीड़ित 85 मरीज पहुंचे। चिकित्सकों ने सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कर निशुल्क दवाएं वितरित कीं और गंभीर रोगियों को हायर सेंटर रेफर किया।
चिकित्सकों ने बताया कि दिन की तेज धूप और रात की ठंडक के बीच बदलते मौसम का मिजाज सेहत पर असर डाल रहा है। इसका सबसे अधिक प्रभाव बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। इस समय लोगों को पर्याप्त पानी पीने, ताजा भोजन करने, तेज धूप से बचने और बच्चों व बुजुर्गों की सेहत को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। इसके अलावा अमरौधा पीएचसी में 55 मरीज इलाज के लिए पहुंचे, जिनकी जांच कर दवाएं दी गई।