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Kanpur News: पत्नी की फर्म को किया भुगतान, प्रधान के वित्तीय अधिकारी व सचिव निलंबित
Thu, 23 Jan 2025 12:38 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 23 Jan 2025 12:38 AM IST
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कानपुर देहात। झींझक ब्लॉक के औरंगाबाद डालचंद्र पंचायत में प्रधान ने पत्नी की फर्म के नाम लाखों रुपये का भुगतान कर दिया। मामले में हुई जांच में प्रधान व सचिव को दोषी पाया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने प्रधान के वित्तीय अधिकार व सचिव को निलंबित किया गया है।
औरंगाबाद डालचंद्र के ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत में विकास कार्य के नाम पर वित्तीय अनियमितता किए जाने व प्रधान द्वारा अपने निजी फर्म में भुगतान किए जाने की शिकायत 21 जुलाई 2024 को शपथपत्र के साथ की थी। जिसमें नियम विरुद्ध तरीके से फर्म को भुगतान करने व ग्राम पंचायत में कराए गए कार्यों में भ्रष्टाचार किए जाने के आरोप लगाए थे। इस मामले में जिलापूर्ति अधिकारी व लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता से जांच कराई गई। जांच में 731325 रुपये की गड़बड़ी पाई गई। इसके बाद जिला पंचायत राज अधिकारी ने प्रधान सुखराम सिंह व पंचायत सचिव अवधेश सिंह से जवाब तलब किया। स्पष्टीकरण आने के बाद मामले में कार्रवाई की गई है।
जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल ने बताया कि ग्राम प्रधान व सचिव ने नियम विरुद्ध तरीके से 695501 रुपये का भुगतान गुरु हार्डवेयर बुद्धभीम नगर दिबियापुर को किया। दो सदस्यीय जांच में पता चला कि यह फर्म ग्राम प्रधान की पत्नी सरिता देवी की है। ग्राम पंचायत अधिकारी अवधेश सिंह व प्रधान सुखराम सिंह ने भुगतान कर वित्तीय अनियमितता की। साथ ही दोनों ने आयकर अधिनियम 1961 के टीडीएस संबंधी प्राविधान 194-सी का उलंघन कर 24867 रुपये की राजकोष को क्षति पहुंचाई।
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वहीं, जीएसटी अधिनियम 2017 के टीडीएस संबंधी प्राविधान का उलंघन करते हुए 10957 रुपये राजकोष को क्षति पहुंचाई है। डीपीआरओ ने बताया कि इस तरह औरंगाबाद डालचंद्र ग्राम पंचायत में 7, 31, 325 रुपये धनराशि का दुरुपयोग पाया गया है। पूरे मामले में ग्राम प्रधान व सचिव प्रथमदृष्टया दोषी पाए गए हैं। बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर ग्राम प्रधान सुखराम को तत्काल प्रभाव से वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्य से निलंबित किया गया है। वहीं सचिव अवधेश सिंह को दोषी पाते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है। ग्राम पंचायत में मिली गड़बड़ी की अंतिम जांच के लिए उप कृषि निदेशक को नामित किया गया है।
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औरंगाबाद डालचंद्र के ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत में विकास कार्य के नाम पर वित्तीय अनियमितता किए जाने व प्रधान द्वारा अपने निजी फर्म में भुगतान किए जाने की शिकायत 21 जुलाई 2024 को शपथपत्र के साथ की थी। जिसमें नियम विरुद्ध तरीके से फर्म को भुगतान करने व ग्राम पंचायत में कराए गए कार्यों में भ्रष्टाचार किए जाने के आरोप लगाए थे। इस मामले में जिलापूर्ति अधिकारी व लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता से जांच कराई गई। जांच में 731325 रुपये की गड़बड़ी पाई गई। इसके बाद जिला पंचायत राज अधिकारी ने प्रधान सुखराम सिंह व पंचायत सचिव अवधेश सिंह से जवाब तलब किया। स्पष्टीकरण आने के बाद मामले में कार्रवाई की गई है।
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जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल ने बताया कि ग्राम प्रधान व सचिव ने नियम विरुद्ध तरीके से 695501 रुपये का भुगतान गुरु हार्डवेयर बुद्धभीम नगर दिबियापुर को किया। दो सदस्यीय जांच में पता चला कि यह फर्म ग्राम प्रधान की पत्नी सरिता देवी की है। ग्राम पंचायत अधिकारी अवधेश सिंह व प्रधान सुखराम सिंह ने भुगतान कर वित्तीय अनियमितता की। साथ ही दोनों ने आयकर अधिनियम 1961 के टीडीएस संबंधी प्राविधान 194-सी का उलंघन कर 24867 रुपये की राजकोष को क्षति पहुंचाई।
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वहीं, जीएसटी अधिनियम 2017 के टीडीएस संबंधी प्राविधान का उलंघन करते हुए 10957 रुपये राजकोष को क्षति पहुंचाई है। डीपीआरओ ने बताया कि इस तरह औरंगाबाद डालचंद्र ग्राम पंचायत में 7, 31, 325 रुपये धनराशि का दुरुपयोग पाया गया है। पूरे मामले में ग्राम प्रधान व सचिव प्रथमदृष्टया दोषी पाए गए हैं। बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर ग्राम प्रधान सुखराम को तत्काल प्रभाव से वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्य से निलंबित किया गया है। वहीं सचिव अवधेश सिंह को दोषी पाते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है। ग्राम पंचायत में मिली गड़बड़ी की अंतिम जांच के लिए उप कृषि निदेशक को नामित किया गया है।