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कानपुर: हैलट ओपीडी में रोगी बेहोश, लंबी लाइन में लगे मरीजों की हालत बिगड़ी, काटा हंगामा
Tue, 03 Sep 2019 07:36 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 03 Sep 2019 07:36 PM IST
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हैलट अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में भीषण उमस भरी गर्मी में हैलट ओपीडी में लाइन लगाए रोगियों की तबियत बिगड़ गई। तीन रोगी बेहोश होकर लुढ़क गए। एक रोगी की हालत गंभीर है। उसे इमरजेंसी में भर्ती किया गया है। इसके साथ ही ओपीडी के 34 नंबर यूजर्स चार्ज जमा करने वाले काउंटर पर नया कर्मचारी डॉक्टरों के परचे ही नहीं पढ़ पाया।
डॉक्टरों की लिखावट उसकी समझ में नहीं आई। इस चक्कर में काउंटर पर यूजर्स चार्ज जमा करने वालों की भीड़ ने हंगामा किया। पुराने कर्मचारी को बुलाने पर मामला शांत हुआ। मंगलवार सुबह यूजर्स चार्ज काउंटर पर तैनात नया कर्मचारी समझ ही नहीं पाया कि डाक्टरों ने कौनसी जांच लिखी है।
इससे काउंटर पर काम ठप हो गया। आपरेटर काम छोड़कर अलग बैठ गया। इससे लोग जांचें कराने के लिए फीस जमा नहीं कर पाए और उमस भरी गर्मी में लाइन लगाकर परेशान हो गए। बाद में पुराना कर्मचारी आया तो काम शुरू हुआ है। आठ माह से वेतन न मिलने के कारण एक और आउट सोर्सिंग के कंप्यूटर आपरेटर ने काम छोड़ दिया।
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अब तक तीन आपरेटर काम छोड़ चुके हैं। ओपीडी के बाहर रोगी परचा बनवाने के लिए लाइन में लगा रोगी बेहोश हो गया। उसे कर्मचारी लेकर इमरजेंसी में आए। शाम तक उसकी हालत गंभीर रही। इसी तरह अस्थि रोग विभाग की ओपीडी के बाहर एक रोगी गश खाकर गिर गया। एक रोगी बरामदे में लुढ़क गया। चेहरे पर पानी छिड़ककर तीमारदार उन्हें होश में लाए।
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डॉक्टरों की लिखावट उसकी समझ में नहीं आई। इस चक्कर में काउंटर पर यूजर्स चार्ज जमा करने वालों की भीड़ ने हंगामा किया। पुराने कर्मचारी को बुलाने पर मामला शांत हुआ। मंगलवार सुबह यूजर्स चार्ज काउंटर पर तैनात नया कर्मचारी समझ ही नहीं पाया कि डाक्टरों ने कौनसी जांच लिखी है।
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इससे काउंटर पर काम ठप हो गया। आपरेटर काम छोड़कर अलग बैठ गया। इससे लोग जांचें कराने के लिए फीस जमा नहीं कर पाए और उमस भरी गर्मी में लाइन लगाकर परेशान हो गए। बाद में पुराना कर्मचारी आया तो काम शुरू हुआ है। आठ माह से वेतन न मिलने के कारण एक और आउट सोर्सिंग के कंप्यूटर आपरेटर ने काम छोड़ दिया।
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अब तक तीन आपरेटर काम छोड़ चुके हैं। ओपीडी के बाहर रोगी परचा बनवाने के लिए लाइन में लगा रोगी बेहोश हो गया। उसे कर्मचारी लेकर इमरजेंसी में आए। शाम तक उसकी हालत गंभीर रही। इसी तरह अस्थि रोग विभाग की ओपीडी के बाहर एक रोगी गश खाकर गिर गया। एक रोगी बरामदे में लुढ़क गया। चेहरे पर पानी छिड़ककर तीमारदार उन्हें होश में लाए।