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उर्सला में रुपये न मिले तो मरीज को डिस्चार्ज किया
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sun, 22 Feb 2015 02:19 AM IST
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हमीरपुर के एजाज अहमद ने उर्सला के डॉ. वीबी सिंह पर रुपये न मिलने पर इलाज न कर जबरदस्ती डिस्चार्ज करने का आरोप लगाया है। डॉ. वीबी सिंह पर हमीरपुर में प्राइवेट प्रैक्टिस का भी आरोप लगा है। शिकायत के बाद उर्सला के डायरेक्टर मेजर आर सक्सेना ने तीन डॉक्टरों की कमेटी गठित कर दी है।
डॉ. सक्सेना ने बताया कि शिकायत गंभीर है। डॉ. मान सिंह, डॉ. पीएन पारिया और डॉ. पुष्कर आनंद की तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। सात दिनों के भीतर कमेटी को रिपोर्ट देने को कहा गया है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
एजाज अहमद ने बताया कि वर्ष 2000 में उसके दाहिने हाथ में गोली लगी थी। उस समय हाथ काटना पड़ा था। अब पता चला कि हाथ में छर्रे हैं। उर्सला के डॉ. वीबी सिंह हर रविवार को हमीरपुर में प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं। हमीरपुर में उन्हें दिखाया तो उन्होंने कई जांच कराने के बाद दस हजार रुपये मांगे।
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पांच हजार रुपये दे भी दिए। इसके बाद डाक्टर ने उसे उर्सला बुलाया और ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के अगले दिन क्राइम ब्रांच में तैनात उसके (एजाज) के भाई ने डॉक्टर से सरकारी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद भी रुपये लेने का विरोध किया तो डॉक्टर भड़क गए और उसे तत्काल डिस्चार्ज कर दिया।
एजाज ने बताया कि उसकी तबियत ठीक नहीं है और दूसरा डॉक्टर इलाज भी नहीं कर रहा है।
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डॉ. सक्सेना ने बताया कि शिकायत गंभीर है। डॉ. मान सिंह, डॉ. पीएन पारिया और डॉ. पुष्कर आनंद की तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। सात दिनों के भीतर कमेटी को रिपोर्ट देने को कहा गया है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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एजाज अहमद ने बताया कि वर्ष 2000 में उसके दाहिने हाथ में गोली लगी थी। उस समय हाथ काटना पड़ा था। अब पता चला कि हाथ में छर्रे हैं। उर्सला के डॉ. वीबी सिंह हर रविवार को हमीरपुर में प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं। हमीरपुर में उन्हें दिखाया तो उन्होंने कई जांच कराने के बाद दस हजार रुपये मांगे।
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पांच हजार रुपये दे भी दिए। इसके बाद डाक्टर ने उसे उर्सला बुलाया और ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के अगले दिन क्राइम ब्रांच में तैनात उसके (एजाज) के भाई ने डॉक्टर से सरकारी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद भी रुपये लेने का विरोध किया तो डॉक्टर भड़क गए और उसे तत्काल डिस्चार्ज कर दिया।
एजाज ने बताया कि उसकी तबियत ठीक नहीं है और दूसरा डॉक्टर इलाज भी नहीं कर रहा है।