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मरीज के पर्चे पर बाहर से लिखी दवाएं, डीएम दंग
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर देहात
Updated Sun, 01 Mar 2015 01:41 AM IST
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मरीजों के सरकारी पर्चेे में बाहर की दवाएं लिखी देखकर डीएम कुमार रविकांत सिंह दंग रह गए। जिला अस्पताल के ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक दवा, सफाई, चिकित्सकों की उपलब्धता का निरीक्षण कर हकीकत जानी।
परिसर में गंदगी देख सीएमएस से नाराजगी जताई। डीएम ने चिकित्साधिकारियों को तत्काल व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश दिए हैं।
शनिवार की सुबह जिलाधिकारी कुमार रविकांत सिंह औचक निरीक्षण को जिला अस्पताल पहुंच गए। डीएम के निरीक्षण की खबर न लगने से अस्पताल अस्त-व्यस्त नजर आया। इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक अव्यवस्थाएं दिखी।
जिलाधिकारी को देख मरीजों के तीमारदारों ने बाहर से दवा खरीदने की शिकायत दर्ज करा दी। जमालपुर गांव से आए रामऔतार ने बताया कि उसकी पुत्री साक्षी एक माह की तबियत खराब होने पर वह उसे जिला अस्पताल लाया था।
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डाक्टर अवधेश पांडेय ने बाहर से दवाएं लिख दी। कांधी से आई तारकेश्वरी देवी ने बाहर से दवा लिखे जाने की बात कह दी। जिलाधिकारी ने सीएमएस डा. अशोक जटारिया से इस बावत सवाल-जवाब किया।
औषधि कक्ष पहुंचे जिलाधिकारी ने मरीजों को दी जाने वाली दवाएं, एक्सपायरी डेट आदि की जांच की। प्रथम तल पर महिला वार्ड में भर्ती मरीज मंजू निवासी हैदरपुर से अस्पताल में मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
बेडों की चादर, दवा, डाक्टरोें के नियमित चेकिंग आदि की जानकारी ली। महिला अस्पताल में मौजूद आशा गयावती निवासी इनायतपुर से जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना से मिलने वाले लाभ, कराए गए प्रसव आदि की जानकारी ली।
इसी बीच महिला सीएमएस डा. अर्चना ने बीच में टोकने का प्रयास किया तो डीएम ने उन्हें इशारे से शांत रहने को कह दिया। इसके बाद किसी चिकित्सक की उन्हें गुमराह करने की हिम्मत नहीं पड़ी।
अस्पताल में अव्यवस्थाएं देख जिलाधिकारी ने शीघ्र व्यवस्था सुधार लेने के निर्देश दिए हैं।
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परिसर में गंदगी देख सीएमएस से नाराजगी जताई। डीएम ने चिकित्साधिकारियों को तत्काल व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश दिए हैं।
शनिवार की सुबह जिलाधिकारी कुमार रविकांत सिंह औचक निरीक्षण को जिला अस्पताल पहुंच गए। डीएम के निरीक्षण की खबर न लगने से अस्पताल अस्त-व्यस्त नजर आया। इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक अव्यवस्थाएं दिखी।
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जिलाधिकारी को देख मरीजों के तीमारदारों ने बाहर से दवा खरीदने की शिकायत दर्ज करा दी। जमालपुर गांव से आए रामऔतार ने बताया कि उसकी पुत्री साक्षी एक माह की तबियत खराब होने पर वह उसे जिला अस्पताल लाया था।
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डाक्टर अवधेश पांडेय ने बाहर से दवाएं लिख दी। कांधी से आई तारकेश्वरी देवी ने बाहर से दवा लिखे जाने की बात कह दी। जिलाधिकारी ने सीएमएस डा. अशोक जटारिया से इस बावत सवाल-जवाब किया।
औषधि कक्ष पहुंचे जिलाधिकारी ने मरीजों को दी जाने वाली दवाएं, एक्सपायरी डेट आदि की जांच की। प्रथम तल पर महिला वार्ड में भर्ती मरीज मंजू निवासी हैदरपुर से अस्पताल में मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
बेडों की चादर, दवा, डाक्टरोें के नियमित चेकिंग आदि की जानकारी ली। महिला अस्पताल में मौजूद आशा गयावती निवासी इनायतपुर से जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना से मिलने वाले लाभ, कराए गए प्रसव आदि की जानकारी ली।
इसी बीच महिला सीएमएस डा. अर्चना ने बीच में टोकने का प्रयास किया तो डीएम ने उन्हें इशारे से शांत रहने को कह दिया। इसके बाद किसी चिकित्सक की उन्हें गुमराह करने की हिम्मत नहीं पड़ी।
अस्पताल में अव्यवस्थाएं देख जिलाधिकारी ने शीघ्र व्यवस्था सुधार लेने के निर्देश दिए हैं।