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Kanpur News: जर्जर इमारत का हिस्सा ढहा, तीन घंटे मलबे में दबे रहे दिव्यांग की मौत, तीन घायल

Mon, 25 Jul 2022 12:18 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Mon, 25 Jul 2022 12:18 AM IST
सार

घंटाघर के पास सुतरखाना में एक तीन मंजिला जर्जर बिल्डिंग के गिरने से दिव्यांग बुजुर्ग सहित तीन लोग चपेट में आ गए। रेस्क्यू कर निकाले गए दिव्यांग की दर्दनाक मौत हो गई थी। वहीं, घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 
 

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Part of a dilapidated building collapsed in the Ghanta ghar of Kanpur, death of elderly disabled, three others
मलबे में दबे नफीस को रेस्क्यू टीम ने निकाला बाहर, एम्बुलेंस से हॉस्पिटल ले जाते - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में जिसका अंदेशा था, आखिर वही हुआ। सुतरखाना में रविवार शाम जर्जर दो मंजिला भवन का अगला हिस्सा ढह गया। यहां रहने वाला दिव्यांग बुजुर्ग मलबे में दब गया। करीब तीन घंटे के रेस्क्यू के बाद जब उसे निकाला गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। भवन के पड़ोस में बने होटल में खाना खा रहे तीन युवक भी चपेट में आकर घायल हो गए। उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मलबा हटाने का काम देर रात तक जारी रहा। 

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सुतरखाना स्थित दो मंजिला भवन (वक्फ बोर्ड की संपत्ति) में छह परिवार के करीब 30 लोग रहते हैं। शाम करीब सात बजे अचानक इमारत का अगला हिस्सा भरभराकर ढह गया। छज्जे पर खड़ा दिव्यांग नफीस (65) मलबे के साथ नीचे आ गया और दब गया। पास में होटल के बाहर खाना खा रहे आवास विकास निवासी बृजेंद्र, शहजादे व कुलीबाजार के मजहर आलम भी चपेट में आ गए।

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इन तीनों को तत्काल केपीएम अस्पताल ले जाया गया और फिर हैलट में भर्ती कराया गया। सूचना पर पुलिस और नगर निगम की टीम पहुंची। रात करीब 10 बजे नफीस को निकाला जा सका। नफीस को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

पीछे के रास्ते से निकाले गए सभी परिवार
इमारत में दिलशाद, जावेद, नफीस, शहंशाह, चांदनी और अशफाक गनी खां का परिवार रहता है। सभी पिछले कई दशकों से यहां रह रहे हैं। दिलशाद वक्फ बोर्ड के मुतवल्ली हैं। हरबंश मोहाल इंस्पेक्टर ने बताया कि गनीमत रही कि पूरी इमारत नहीं ढही। इस वजह से पीछे का हिस्सा सुरक्षित रहा। उधर भी एक गेट है। इसलिए फंसे लोगों को पुलिसकर्मियों ने इसी गेट से बाहर निकाला। करीब 25-28 लोगों को बाहर निकाला गया। 

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आसपास के मकान खाली कराए
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान इमारत के आसपास के मकान खाली कराए गए। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर क्षेत्र को घेर लिया था। इससे किसी भी तरह का नुकसान न हो।  हादसे की जानकारी होने पर मेयर प्रमिला पांडेय भी मौके पर पहुंची। इस दौरान नशे में धुत एक युवक ने उनका विरोध शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस उसे पकड़कर ले गई।

मकान का लगभग आधा हिस्सा ढहा है। शेष हिस्सा भी किसी भी समय गिर सकता है। इसे सोमवार सुबह गिरवाया जाएगा। यह मकान जर्जर घोषित था या नहीं? इसका पता सोमवार को दफ्तर खुलने पर चलेगा। वैसे इसे पूर्व में जर्जर जरूर घोषित किया गया होगा।  - आरके सिंह, अधिशासी अभियंता, जोन एक

मकान जर्जर घोषित था या नहीं
सुतरखाना, घंटाघर में मकान ढहने का पता चलते ही नगर निगम जोन-1 के अधिशासी अभियंता आरके सिंह सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिशासी अभियंता ने बताया कि मकान का लगभग आधा हिस्सा ढहा है। शेष हिस्सा भी किसी भी समय गिर सकता है। इसे 25 जुलाई को सुबह गिरवाया जाएगा। यह मकान जर्जर घोषित था या नहीं? इसका पता सोमवार को दफ्तर खुलने पर चलेगा। वैसे इसे पूर्व में जर्जर जरूर घोषित किया गया होगा।

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