माता-पिता हैं धरती पर सबसे बड़े देवी-देवता, इनकी पहले करें पूजा
उन्होंने बताया कि भगवान को पाने के लिए गोपिकाएं श्री कात्यायनी मैया की पूजा करती हैं। बिना साधना के जीव अपने आराध्य को प्राप्त नहीं कर सकता। भगवान ने गोपियों के साथ महारास किया, जिनमें केवल गोपिका ही गईं । यहां गोपी का भाव स्त्री से नहीं है। जो जीव अपनी समस्त इंद्रियों से भक्ति रस का पान करता है वही जीव है। इसके बाद उन्होंने कंस वध और रुक्मणि विवाह का वर्णन किया। इस दौरान लक्ष्मी बाजपेई, सरस बाजपेई, शिव चंद्र शुक्ला, अशोक दीक्षित, संजय शुक्ला, मुकेश तिवारी, अनिल पांडे, महेंद्र अवस्थी, सुभाष मिश्रा मौजूद रहे।