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Kanpur News: कागजों में खाद भरपूर, किसानों की पहुंच से दूर

Fri, 27 Sep 2024 06:32 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 27 Sep 2024 06:32 PM IST
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Papers full of fertilizers, out of reach of farmers
फोटो 16::
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फोटो 17::
फोटो 18::रामचंद्र।
फोटो 19::नवाब सिंह।
- सहकारी समितियों सहित 100 से अधिक खाद-बीज की दुकानें पंजीकृत
- लिखापढ़ी में कुल कुल 5768 एमटी डीएपी उपलब्ध, फिर भी किसान परेशान

संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। डीएपी का संकट कोई नई बात नहीं है। हर बार किसानों को इसके लिए परेशान होना पड़ता है। कागजों में तो खाद भरपूर है, लेकिन किसानों की पहुंच से फिर भी दूर है। समितियों में हर जगह डीएपी की किल्लत है। किसान परेशान है, वहीं, प्रशासन डीएपी भरपूर मात्रा में उपलब्ध होने के दावे कर रहा है।
कागजों की अगर बात करें तो जिले में कुल 5768 एमटी डीएपी उपलब्ध है। आखिर ऐसा क्या है कि उपलब्धता के बाद भी किसानों को परेशानी उठानी पड़ रहीं है, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
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जिले में आलू और सरसों की बड़े पैमाने पर बुआई की जाती है। अगले माह से आलू और सरसों की बुआई शुरू हो जाएगी। इसके लिए किसानों को डीएपी की जरूरत शुरू हो गई है। किसान अपनी जरूरत के अनुसार डीएपी लेने के लिए दुकानों और सहकारी समितियाें पर पहुंच रहे है,लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है।
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सहकारी समितियों सहित 100 से अधिक खाद-बीज की दुकानें पंजीकृत हैं। इसके बाद भी किसानों को सहकारी केंद्रों पर डीएपी के लिए मशक्कत करनी पड़ रहीं है। डीएपी मिलती भी है तो उन्हें ऊंचे दाम चुकाने पड़ते हैं। सैफई तो कभी जसवंतनगर में किसान खाद के लिए प्रदर्शन कर रहे है, लेकिन उन्हें डीएपी उपलब्ध कराने की बजाए जिम्मेदार केवल फर्जी रिपोर्ट लगाकर ही पल्ला झाड़ लेते है।
सीन-एक
सैफई। रजमऊ वैदपुरा स्थित सहकारी संघ पर गुरुवार सुबह नौ बजे से ही किसान आलू व लहसुन, सरसों की बुआई के लिए खाद के लिए पहुंचे थे। लेकिन किसानों को खाद नहीं मिल सकी। किसानों का आरोप है कि खाद होने के बाद भी हम लोगों को खाद नहीं दी जा रही है। किसानों ने बताया कि आलू, लहसुन एवं सरसों के लिए डीएपी खाद की आवश्यकता है, लेकिन यहां पर कई दिनों से चक्कर लगाने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रही है। प्रभारी सर्वेश कुमार ने बताया हमारे यहां दोनों ही सोसाइटियों पर लगभग किसानों के 2000 पंजीकरण है। और यहां पर 80 से अधिक गांव आते हैं। बीते दिन बुधवार को मात्र 600 बोरी डीएपी खाद उपलब्ध हुई है। जो की शुक्रवार सुबह से वितरण होना शुरू हो जाएगी और भी खाद मंगाई जाने के लिए पत्र लिखा गया है। (संवाद)


सीन-दो
जसवंतनगर। ब्लॉक क्षेत्र की 10 से अधिक समितियां पर खाद की बड़ी किल्लत देखने को मिल रही है। किसान खाद के लिए जूझ रहे हैं। स्थानीय किसानों के अनुसार समितियों पर अभी तक पहले की अपेक्षा खाद भी कम आई है। सहकारी समिति की एमडी प्रियंका यादव ने बताया कि आलू की फसल की बुआई शुरू होने वाली है, जिसके चलते खाद की आवश्यकता है। जहां पिछले वर्ष पांच ट्राला खाद आई है मगर इस बार सिर्फ दो ट्राला खाद आई है। लगभग 100 खाता धारकों की पासबुक यहां जमा है उन्हें खाद देना मुश्किल पड़ रहा है। कोकावली, सरायभूपत, जसोहन, तिजोरा, बलरई, धौलपुर खेडा व जगसोरा सहित कई समितियों पर खाद की किल्लत है। किसान सोवरन सिंह, कोमल सिंह, रामसेवक, विनेश कुमार, सुरेंद्र, श्रीकांत ने बताया कि वह 15 दिन से समिति के चक्कर लगा रहे हैं मगर उन्हें खाद प्राप्त नहीं हुई है।(संवाद)

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खाद की स्थिति
खाद स्टॉक (एमटी)
यूरिया 13775
डीएपी 5768
एमओपी 694
एनपीके 2123
एसएसपी 579
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किसानों ने बताई परेशानी
फोटो 18::- चकुपुर निवासी किसान रामचंद्र ने बताया समिति पर चार दिन से आ रही है, लेकिन हमें यहां पर खाद नहीं मिल रही है। आलू एवं लहसुन की बुवाई के लिए डीएपी खाद बहुत जरूरी है, लेकिन यहां पर केंद्र प्रभारी की ओर से वितरण नहीं किया जा रहा है। जबकि बुधवार को यहां पर डीएपी खाद आई हैं।

फोटो 19::- जहानाबाद निवासी नवाब सिंह ने बताया कि आलू एवं लहसुन की बुवाई करवानी है। खाद न मिलने के कारण समस्या बनी हुई है। कई बार केंद्र से वापस चले गए,लेकिन खाद नहीं मिल सकी। समिति पर खाद आ गई, लेकिन केंद्र प्रभारी ने बताया कि एक दिन रुकना पड़ेगा, उसके बाद खाद का वितरण किया जाएगा।


वर्जन
जिले में डीएपी सहित सभी खादों का पर्याप्त मात्रा में स्टॉक है। किसी भी किसान को अगर डीएपी नहीं मिल रही है या फिर अधिक कीमत में मिल रही है तो किसान तत्काल जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में सूचित कर सकते है। किसानों का नाम गोपनीय रखा जाएगा।-प्रमोद कुमार, जिला कृषि अधिकारी
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